हवाई यात्रियों की बल्ले-बल्ले! जल्द सस्ते हो सकते हैं फ्लाइट टिकट

हवाई यात्रा करने वालों के लिए आने वाले दिनों में राहत भरी खबर मिल सकती है. केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में स्थिरता बनी रहती है, तो एयरलाइंस से अतिरिक्त शुल्क और बढ़े हुए किराए की समीक्षा करने को कहा जा सकता है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि सरकार ईंधन की कीमतों पर लगातार नजर रख रही है और इस संबंध में एयरलाइंस के साथ बातचीत भी जारी है
पहले स्थिरता, फिर किराए में राहत
मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में ATF की कीमतों में कुछ कमी देखने को मिली है, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह गिरावट अस्थायी नहीं बल्कि लंबे समय तक बनी रहने वाली हो. उनके मुताबिक, यदि ईंधन की कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहती हैं तो एयरलाइंस के साथ चर्चा कर मौजूदा सरचार्ज और अतिरिक्त किराए को कम करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.
हर 15 दिन में होती है ATF कीमतों की समीक्षा
केंद्र सरकार वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े ATF की कीमतों की समीक्षा करती है. ATF एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का बड़ा हिस्सा होता है, इसलिए इसकी कीमतों में बदलाव का सीधा असर हवाई टिकटों पर पड़ता है.
एयरलाइंस को दिया जा रहा है समर्थन
अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सरकार ने विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसमें घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों को नियंत्रित करना, एयरपोर्ट शुल्क में राहत देना और इमरजेंसी क्रेडिट लिंकेज योजना के तहत सहायता उपलब्ध कराना शामिल है.
सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही कीमतों में स्थायी स्थिरता के संकेत मिलेंगे, यात्रियों को सस्ती हवाई यात्रा का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.











