‘न फायर सेफ्टी, न इमरजेंसी इंतजाम’: भिलाई में 4 कोचिंग सेंटर सील, प्रशासन ने दिखाई सख्ती

दुर्ग, 25 जून 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद दुर्ग जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिलेभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को भिलाई के न्यू सिविक सेंटर स्थित कई कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जहां गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर प्रशासन ने चार संस्थानों को सील कर दिया।
अग्निशमन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान पाया कि कई कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी के बुनियादी इंतजाम तक नहीं थे। कई जगह अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे, जबकि आपातकालीन निकासी मार्ग और आवश्यक सुरक्षा दस्तावेजों का भी अभाव पाया गया।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने मोशन कोटा, वेदांतु, रामा कोचिंग और कैड एकेडमी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थानों में जल्दबाजी में फायर एक्सटिंग्विशर लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है।
भिलाई को प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब माना जाता है, जहां हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। प्रशासन का कहना है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-10, सिविक सेंटर, सुपेला, रिसाली, नेहरू नगर और दुर्ग शहर सहित पूरे जिले के कोचिंग संस्थानों की जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।










