जबलपुर-भोपाल हाईवे के क्षतिग्रस्त पुल पर हाईकोर्ट सख्त, रेलवे और MPRDC से मांगा जवाब

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल और पौड़ी रेलवे गेट से जुड़े मामले में रेलवे तथा मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि पुल की मरम्मत पूरी होने तक पौड़ी रेलवे गेट आम लोगों के लिए क्यों नहीं खोला जा रहा है।
सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। वहीं, एमपीआरडीसी को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी होने की समयसीमा स्पष्ट करे।
अदालत ने कहा कि संबंधित विभाग अगली सुनवाई में यह भी बताएं कि पुल की मरम्मत में अभी कितना समय लगेगा और आम लोगों को राहत देने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
बताया गया कि जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे लाइन के ऊपर बना पुल लगभग एक वर्ष पहले क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण यात्रियों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। इस दौरान रेलवे और एमपीआरडीसी को विस्तृत जवाब के साथ अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।
यह याचिका शहपुरा निवासी राजेश सिंह ने दायर की है। उन्होंने मांग की है कि पुल की मरम्मत पूरी होने तक पौड़ी रेलवे क्रॉसिंग का एक गेट खोला जाए, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से अस्थायी राहत मिल सके।











