असम का पूरा रेल नेटवर्क हुआ विद्युतीकृत, 169 किमी के कठिन पहाड़ी रेलखंड पर मिली बड़ी सफलता

असम ने अपने ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसके साथ ही राज्य में अब पूरे रेल नेटवर्क पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। यह उपलब्धि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले 169 किलोमीटर लंबे लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन के विद्युतीकरण के पूरा होने के बाद हासिल हुई।
कठिन पहाड़ी इलाके में पूरा हुआ काम
लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन असम के सबसे चुनौतीपूर्ण रेल मार्गों में शामिल है। इस हिस्से के विद्युतीकरण के साथ करीब 2,589 रूट किलोमीटर लंबे राज्य के पूरे ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क को इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से जोड़ दिया गया है। परियोजना के अंतिम चरण में हाफलोंग और न्यू हाफलोंग ट्रैक्शन सब-स्टेशनों के बीच 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन को ऊर्जीकृत किया गया।
ट्रेन संचालन में होंगे कई बदलाव
पूरे नेटवर्क के विद्युतीकरण से ट्रेनों को इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के साथ बिना ट्रैक्शन बदले लगातार चलाने में मदद मिलेगी। इससे परिचालन में सुविधा बढ़ने के साथ ऊर्जा दक्षता में सुधार और डीजल पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। रेलवे के लिए परिचालन और रखरखाव लागत में कमी लाने में भी यह कदम मददगार हो सकता है।
पूर्वोत्तर रेल कनेक्टिविटी के लिए अहम उपलब्धि
असम का यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाने में मदद मिलेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस उपलब्धि को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा किया है।











