बिलासपुर में कथित धर्मांतरण मामले में कार्रवाई, पास्टर समेत 3 लोगों पर केस दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरा में रविवार को प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने की शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पास्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।पुलिस के अनुसार हिंदूवादी संगठनों से सूचना मिली थी कि गांव में एक मकान में लोगों को एकत्र कर ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
घर के आंगन में चल रही थी सभा
जानकारी के मुताबिक पुलिस जब मौके पर पहुंची तो रामस्वरूप सूर्यवंशी के घर के आंगन में टीन शेड के नीचे कई लोग मौजूद थे। आरोप है कि वहां हिंदू समुदाय के लोगों को कथित रूप से लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रामस्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और बिलासपुर से आए पास्टर पंकज कुमार करियारे को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
हिंदूवादी युवक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
इस पूरे मामले में हिंदूवादी युवक सुमित यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सुमित यादव ने बताया कि वह अपने साथियों धीरज भोई, सुभाष साहू और शुभांशू भोई के साथ मौके पर पहुंचा था।उसका आरोप है कि सभा में लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था और हिंदू धर्म की भावनाओं को आहत करने वाली बातें कही जा रही थीं। मौके पर बाइबल और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई थी।
देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही कथित रूप से लोगों को बेहतर सुविधाएं, अच्छे घर में शादी और निशुल्क इलाज का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
सुमित यादव की शिकायत पर सीपत पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है।











