बिलासपुर में 4 लेन बाइपास के लिए 644 खसरों पर रोक, जमीन की खरीद-बिक्री पर प्रशासन ने लगाई पाबंदी

बिलासपुर में प्रस्तावित उत्तरी बाइपास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रशासन ने एलाइनमेंट क्षेत्र की जमीन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर बनने वाले करीब 20.921 किलोमीटर लंबे 4 लेन बाइपास के दायरे में आने वाली जमीन की खरीदी-बिक्री और विभाजन पर रोक लगा दी गई है।

प्रशासन की ओर से जारी आदेश के तहत यह प्रतिबंध अंतिम भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक लागू रहेगा। अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

8 गांवों की 644 खसरों की जमीन दायरे में

प्रस्तावित बाइपास के एलाइनमेंट में सेंदरी, रमतला, बिरकोना, नगोई, बिजोर, मोपका, दोमुहानी और ढेंका गांव की जमीन शामिल है। इन गांवों की कुल 644 खसरों को चिन्हित किया गया है। भूमि अधिग्रहण से पहले संबंधित जमीनों का सर्वे कराया गया और राजस्व रिकॉर्ड की जांच की गई।

छोटे भूखंडों में विभाजन रोकना मकसद

भूमि अधिग्रहण से पहले जमीन की खरीद-बिक्री या छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजन होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन के मुताबिक, जमीन के टुकड़े होने से भविष्य में अधिग्रहण की लागत बढ़ सकती है। साथ ही मुआवजा तय करने और अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी जटिलता पैदा होने की संभावना रहती है।

बड़े सार्वजनिक प्रोजेक्ट के लिए जमीन सुरक्षित

प्रशासन के अनुसार उत्तरी बाइपास बिलासपुर के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजना है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रभावित न हो और मूल भू-स्वामियों के हित भी सुरक्षित रहें, इसके लिए एलाइनमेंट क्षेत्र में जमीन के अनधिकृत हस्तांतरण और विभाजन पर रोक लगाई गई है।

यह प्रतिबंध अंतिम भूमि अधिग्रहण तक प्रभावी रहेगा। संबंधित राजस्व अधिकारियों को आदेश के पालन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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