बलिया में 31 मार्च तक ‘हाई अलर्ट’, बोर्ड परीक्षा और त्योहारों पर प्रशासन का सुरक्षा कवच

यूपी : बलिया में आगामी डेढ़ महीने तक शांति व्यवस्था और जनजीवन को सामान्य बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है. अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) अनिल कुमार द्वारा जारी ताजा आदेशों के बाद पूरा जिला अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के कड़े पहरे में है. यह आदेश आज, 13 फरवरी से प्रभावी होकर आगामी 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा. इस दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता, सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश या परीक्षा में खलल डालने वालों के खिलाफ प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगा.
प्रशासन के अनुसार, फरवरी और मार्च का महीना संवेदनशील है. एक तरफ जहाँ महाशिवरात्रि, होली, ईद, रामनवमी और महावीर जयंती जैसे बड़े त्योहारों की श्रृंखला है, वहीं दूसरी तरफ UP बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं भी 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं. इन आयोजनों के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है.
सार्वजनिक गतिविधियों पर ‘पहरा’: क्या है प्रतिबंधित?
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, जनपद की सीमा के भीतर निम्नलिखित प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हैं. किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक साथ खड़ा होना या बैठना प्रतिबंधित है. जुलूस, धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन या रोड जाम करने पर पूरी तरह रोक है. बिना अनुमति के लाठी-डंडा, धारदार हथियार, आग्नेयास्त्र या विस्फोटक लेकर चलना दंडनीय अपराध होगा. साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले पोस्टर, भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक नारे या पर्चे बांटने पर प्रशासन की ‘साइबर सेल’ कड़ी नजर रख रही है.
‘नकल माफिया’ और ‘शोर’ पर सर्जिकल स्ट्राइक
18 फरवरी से 12 मार्च तक चलने वाली माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के लिए ‘अभय कवच’ तैयार किया गया है. परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच या किसी भी संचार उपकरण का प्रवेश वर्जित है. परीक्षा केंद्रों के 1 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी फोटोकॉपी और स्कैनर मशीनें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रहेंगी, ताकि पर्चा लीक या नकल की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके.
बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले में लाउडस्पीकर का शोर सुनाई नहीं देगा. परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है. परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के भीतर सुरक्षाकर्मियों के अलावा किसी भी व्यक्ति को हथियार ले जाने की इजाजत नहीं होगी.
उल्लंघन पर होगी ‘BNS’ के तहत कार्रवाई
ADM अनिल कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उल्लंघनकर्ताओं पर भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की धारा 223 (जो पूर्व में IPC की धारा 188 थी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा.
प्रशासन ने आम जनजीवन को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष छूट भी दी है
परंपरागत धार्मिक आयोजन: पूर्व से चले आ रहे धार्मिक कार्यक्रमों और जुमे की नमाज को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है. सिख भाइयों को उनके पारंपरिक धार्मिक चिह्न ‘कृपाण’ रखने की छूट होगी. चुनाव, सुरक्षा या प्रशासनिक ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों पर ये नियम लागू नहीं होंगे.
प्रशासन की अपील.
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें. यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें.









