उद्धव के बाद शरद पवार लगेगा बड़ा झटका, पूर्व सांसद संजय पाटिल की BJP में घर वापसी तय, इस दिन थामेंगे कमल

महाराष्ट्र ऑपरेशन टाइगर और शरद पवार खेमे में टूट की खबरें के बीच राज्य की राजनीति और सांगली जिले से एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ रहा है। पूर्व सांसद और शरद पवार गुट के नेता संजय पाटिल का भारतीय जनता पार्टी में दोबारा प्रवेश लगभग तय हो गया है। इस बात की आधिकारिक पुष्टि खुद राज्य सरकार के मंत्री और सांगली जिले के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटिल ने की है।

संजय पाटिल को लेकर क्या बोले मंत्री चंद्रकांत पाटिल

मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सांगली जिला कलेक्टर कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि विकास के मुद्दों पर संजय पाटिल के साथ बेहद सकारात्मक चर्चा हुई है और अब उनके बीच किसी भी प्रकार का कोई मतभेद नहीं रह गया है।

सांगली में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर बात की। मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि एक समय पर अजित पवार के संदर्भ में उन्होंने यह उम्मीद जताई थी कि वे स्वयं संजय पाटिल का उचित राजनीतिक पुनर्वास करेंगे। लेकिन हालिया घटनाक्रमों और बदली हुई परिस्थितियों में यह पूरी तरह साफ हो गया कि संजय पाटिल की इच्छा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बजाय दोबारा अपनी पुरानी पार्टी भाजपा में लौटने की अधिक है।

संजय पाटिल 30 जून को सकते हैं भााजपा में प्रवेश

संजय पाटिल की भाजपा में वापसी की तारीख भी लगभग तय मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, संजय पाटिल 30 जून 2026 को मुंबई में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल होंगे।

दो बार BJP की टिकट पर जीत चुके हैं संजय पाटिल

बता दें कि संजय पाटिल सांगली के कद्दावर नेता हैं। वे भाजपा के टिकट पर दो बार सांसद रह चुके हैं। बदलते राजनीतिक समीकरणों के कारण वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल हुए थे। अब वे पुनः भाजपा में लौट रहे हैं। 30 जून को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार की उपस्थिति में वे आधिकारिक रूप से भाजपा में प्रवेश करेंगे।

आगामी चुनावों में भाजपा होगी मजबूत
विश्लेषकों का मानना है कि संजय पाटिल का भाजपा में आना सांगली जिले की राजनीति का पासा पलट सकता है। चंद्रकांत पाटिल ने भी इस ओर इशारा करते हुए कहा कि यह केवल एक नेता का दल-बदल नहीं है, बल्कि सांगली की राजनीति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ है। उनके आने से वर्ष 2029 के लोकसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भाजपा का सांगठनिक ढांचा अधिक मजबूत होगा।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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