वंदे मातरम् पर घमासान: अमित शाह बोले- कांग्रेस ने देश विरोधी फैसला लिया, तुष्टिकरण की राजनीति को फिर बढ़ावा दे रही

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के प्रस्ताव पर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसके फैसले को देश विरोधी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।
अमित शाह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् को लेकर फैसला किया था, जिसकी वजह से देश के विभाजन की नींव पड़ी। उन्होंने कहा कि लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए बलिदान दिया, ऐसे में कांग्रेस का रुख उनका अपमान है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी 1937 के प्रस्ताव को मान रही है, जबकि संसद में पारित कानून को नकार रही है। शाह ने जनता से कांग्रेस के फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरानी गलती को सुधारने का काम किया है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम् भारत का गौरव है। उनका कहना है कि पूरा गीत नहीं गाना सिर्फ गीत का नहीं, बल्कि भारत माता का भी अपमान है।
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने दो छंद गाने का फैसला कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह वंदे मातरम् का विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि संसद से पारित कानून को सभी को मानना चाहिए।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय स्वाभिमान से समझौता कर रही है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी का रुख 1937 के उस प्रस्ताव के अनुरूप है, जिसमें महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल समेत नेताओं की सहमति थी। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर इतिहास को लेकर सवाल खड़े किए।
दरअसल, संसद के मानसून सत्र में सरकार ने वंदे मातरम् से जुड़े विधेयक को मंजूरी दी थी। इसके तहत गीत के छह छंद गाने को लेकर प्रावधान किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्रता से पहले राष्ट्रीय नेताओं ने इसके दो छंदों को स्वीकार किया था। इसी मुद्दे को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं।











