चेकिंग राज खत्म! अब इनकम टैक्स स्टाइल में काम करेगा GST विभाग

लखनऊ : राज्य कर विभाग अपनी सचल दल इकाइयां खत्म करने की तैयारी कर रहा है.अब जगह-जगह गाड़ियां रोक कर कागज चेक करने के बजाय इन्हें इंटेलिजेंस के आधार पर काम करना होगा.यानी, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के इनपुट जुटाने होंगे और उसके आधार पर कार्रवाई करनी होगी। इससे व्यापारियों के उत्पीड़न और विभाग में इंस्पेक्टर राज खत्म होगा.

विभाग ने ग्रेड-2 के सभी अपर आयुक्तों से सचल दल इकाइयों की सार्थकता व गुणवत्ता का विश्लेषण करते हुए इनके इंटेलिजेंस आधारित कार्यप्रणाली पर प्रस्ताव मांगा है.

जीएसटी चोरी के मामलों की रोकथाम के लिए सचल दल इकाइयां बनी थीं। फील्ड में तैनात इन इकाइयों के अफसर कहीं भी किसी भी माल वाहन को रोक कर उनके प्रपत्रों की जांच कर सकते थे.

कई बार इकाइयों द्वारा जांच में व्यापारियों का उत्पीड़न करने की भी शिकायतें आती थीं। सूत्रों के मुताबिक इन्हीं शिकायतों को देखते हुए विभाग सचल दल इकाइयों की ऑन-स्पॉट चेकिंग की व्यवस्था को खत्म करने पर विचार कर रहा है.विभाग चाहता है कि यह इकाई इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर सभी जानकारियां जुटाए. जब वह पुख्ता हो जाए तब ही वह चेकिंग जैसी प्रक्रिया की तरफ बढ़े.

विभागीय सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में जीएसटी की सचल दल इकाई की कार्यप्रणाली इनकम टैक्स सरीखी हो सकती है। छापे से पहले सभी जानकारियां जुटाने से व्यापारियों के उत्पीड़ने का आरोप भी खत्म होगा, जिससे विभाग की छवि पर सकारात्मक असर पड़ेगा.

गोपनीय जानकारियां जुटाने के लिए बनेगी एक टीम: 

सचल दल इकाई को बदली भूमिका में काम करने के लिए एक अलग टीम भी गठित करने की योजना है. इस टीम की जिम्मेदारी गोपनीय जानकारियां जुटाने और डाटा एनालिसिस करने की होगी.यह टीम जीएसटी पंजीकृत सभी व्यापारियों के कारोबार पर नजर रखेगी.

जीएसटी चोरी का तरीका बदला.

जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद टैक्स चोरी का तरीका बदला है.ऐसे में परंपरागत चेकिंग के तौर तरीकों से बड़ी टैक्स चोरी रोकने की संभावना कम है. विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि इंटेलिजेंस आधारित कार्यप्रणाली से टैक्स चोरी पर लगाम लग सकती है.

फिलहाल प्रदेश में जीएसटी की 140 सचल दल इकाइयां हैं, जिनमें तकरीबन 600 अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं.राज्य कर आयुक्त नितिन बंसल के अनुसार टैक्स चोरी के तरीके में बदलाव हुआ है.विभाग इंटेलीजेंस के आधार पर कार्रवाइयां करने पर जोर दे रहा है.टैक्स चोरी रोकना प्राथमिकता है, मगर किसी व्यापारी या आम आदमी का शोषण न हो, यह भी जरूरी है.