छत्तीसगढ़: पशु तस्करों पर कलेक्टर का करारा प्रहार: तस्करी में इस्तेमाल वाहन राजसात, बोलेरो-पिकअप जब्त

सूरजपुर: पशु तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों पर सूरजपुर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज एक गंभीर प्रकरण में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सूरजपुर एस. जयवर्धन ने पशुओं के अवैध परिवहन में प्रयुक्त एक बोलेरो पिकअप वाहन को शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश जारी किया है. यह आदेश पशु तस्करी के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रकरण दिनांक 30 जनवरी 2024 की रात्रि का है, जब बिना नंबर की महेन्द्रा बोलेरो पिकअप में कृषि योग्य पशुओं को अमानवीय तरीके से ठूस-ठूसकर, रस्सियों से बांधकर झारखण्ड ले जाया जा रहा था. इसी दौरान वाहन चालक द्वारा पिकअप को गड्ढे में धकेल दिया गया, जिससे मौके पर ही तीन मवेशियों की मौत हो गई, जबकि शेष सात मवेशी अंधेरे में जंगल की ओर भाग गए. मृत पशुओं का विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया.

मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 21/24 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 429, छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया. पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप को जब्त कर वाहन चालक व मालिक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा.

प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि पशु क्रूरता और अवैध पशु परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिला प्रशासन और पुलिस ने दो टूक कहा है कि पशुओं के अवैध परिवहन और तस्करी में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. इस कार्रवाई से पशु तस्करों में हड़कंप मच गया है और यह पूरे जिले के लिए एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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