छत्तीसगढ़: कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया निलंबित, हत्या प्रकरण में सरकार की बड़ी कार्रवाई

बलरामपुर: बलरामपुर जिले में हुए बहुचर्चित मारपीट और मौत के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई उनकी गिरफ्तारी के बाद की गई है. मामले ने पूरे जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के मुताबिक, कुसमी एसडीएम करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा राजस्व टीम के साथ रविवार देर शाम हंसपुर पहुंचे थे. टीम वहां बॉक्साइट के अवैध उत्खनन की जांच कर रही थी. रात में 9 बजे हंसपुर के 3 ग्रामीण सरना के पास टीम को मिले। आरोप है कि एसडीएम, नायब तहसीलदार और उनके साथ मौजूद युवकों ने तीनों ग्रामीणों को लाठी और लात-घूंसों से पीटा. इसके बाद तीनों को गाड़ी में बैठाकर कुसमी ले जाया गया. रास्ते में एक ग्रामीण की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।रास्ते में एक ग्रामीण के बेहोश होने के बाद टीम तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी लेकर पहुंची। इलाज के दौरान राम नरेश राम (60) की मौत हो गई. घायलों में अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) शामिल हैं.

ग्राम हंसपुर की घटना से मचा था हड़कंप
घटना कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम हंसपुर की है, जहां 62 वर्षीय रामनरेश की मारपीट के बाद मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि अवैध बॉक्साइट परिवहन की सूचना पर प्रशासनिक टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हुई और मारपीट की घटना सामने आई। घटना में तीन लोग घायल हुए, जबकि गंभीर रूप से घायल रामनरेश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी.
अवैध बॉक्साइट परिवहन की सूचना पर पहुंची थी टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अवैध बॉक्साइट परिवहन की शिकायत प्रशासन को मिली थी। इसी आधार पर जांच कार्रवाई की गई। जांच के दौरान स्थिति बिगड़ने और बल प्रयोग के आरोप सामने आए। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता गया.

हत्या का मामला दर्ज, बीएनएस की धाराओं में अपराध कायम .
जिले की पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 03/2026 दर्ज किया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 115(2) एवं 3(5) के तहत मामला कायम किया गया है। पुलिस ने जांच के बाद एसडीएम करुण डहरिया को आरोपी मानते हुए 16 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया.
न्यायालय के आदेश पर भेजे गए जिला जेल रामानुजगंज
गिरफ्तारी के बाद आरोपी एसडीएम को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी.
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया निलंबन आदेश …
छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 फरवरी 2026 को आदेश जारी करते हुए एसडीएम करुण डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आयुक्त, सरगुजा संभाग अंबिकापुर निर्धारित किया गया है.
निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
शासन के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा. मामले की विभागीय जांच भी प्रस्तावित है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
जिले में बना चर्चा का विषय
यह पूरा घटनाक्रम बलरामपुर जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है. प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका, अवैध खनन पर कार्रवाई की प्रक्रिया और बल प्रयोग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई आगे की स्थिति स्पष्ट करेगी.











