ट्रांसफर के बदले डील! पंचायत सचिव से 40 हजार की मांग, वीडियो वायरल

इटावा : जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) बनवारी लाल पर पंचायत सचिव से ट्रांसफर-पोस्टिंग के बदले रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है.इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें डीपीआरओ को कथित तौर पर 20 हजार रुपये लेते हुए देखा और सुना जा सकता है.आरोप है कि पंचायत सचिव से कुल 40 हजार रुपये की मांग की गई थी.

शिकायतकर्ता सतेंद्र सिंह के अनुसार, यह वीडियो स्वयं पंचायत सचिव द्वारा बनाया गया है। उनका कहना है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी, जिसमें से 20 हजार रुपये लेते हुए डीपीआरओ कैमरे में कैद हो गए. वीडियो सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और जिला पंचायत राज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज
आरोप है कि डीपीआरओ बनवारी लाल समाजवादी पार्टी से जुड़े एक नेता के समधी बताए जा रहे हैं.वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

मनमाने ढंग से ट्रांसफर-पोस्टिंग के आरोप
इटावा जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप पहले भी लगते रहे हैं.ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों का आरोप है कि डीपीआरओ द्वारा कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे उगाही की जाती थी.जो लोग कथित तौर पर पैसा नहीं दे पाते थे, उनके खिलाफ जांच और कार्रवाई शुरू कर दी जाती थी.

आरोप यह भी हैं कि सफाई कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग मनमाने ढंग से की जाती थी.तय सुविधा शुल्क देने वालों को मनचाही तैनाती मिल जाती थी, जबकि पैसा न देने वालों को परेशान किया जाता था. लेनदेन के जरिए कई मामलों को दबाने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं.बीते दिनों इन्हीं आरोपों को लेकर ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था.

वीडियो में बातचीत
वायरल वीडियो में डीपीआरओ यह कहते हुए भी सुनाई दे रहे हैं कि,
“ताखा के जय किशन दो लाख रुपये दे रहा था, लेकिन मैंने मना कर दिया कि ताखा नहीं दे पाएंगे।”
शिकायत पर कार्रवाई का इंतजार
भाजपा मीडिया प्रभारी रोहित शाक्य ने वीडियो को वायरल करते हुए डीपीआरओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इस संबंध में शिकायतें लखनऊ तक पहुंची थीं, लेकिन कथित सेटिंग के जरिए कार्रवाई रुकवा दी गई.

बताया जा रहा है कि बनवारी लाल पिछले करीब तीन वर्षों से इटावा स्थित विकास भवन में तैनात हैं.शिकायतकर्ता सतेंद्र सिंह के अनुसार, उन्होंने 10 जनवरी 2026 को प्रमुख सचिव को हलफनामे के साथ शिकायत दर्ज कराई थी.हालांकि, अब तक इस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है.शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो करीब पांच महीने पुराना है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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