कामदा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम, वरना साल भर झेलनी पड़ सकती है आर्थिक तंगी!

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की ‘कामदा एकादशी’ को बेहद खास माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति दिलाने वाला होता है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च, रविवार को रखा जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन की गई छोटी सी लापरवाही भगवान विष्णु को नाराज कर सकती है, जिससे व्यक्ति को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है.
कामदा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम!
चावल का सेवन वर्जित
शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन चावल खाना निषेध है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन चावल का सेवन करने वाला व्यक्ति अगले जन्म में रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है.
तुलसी के पत्ते न तोड़ें
भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना महापाप माना जाता है. पूजा के लिए तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें. इस दिन तुलसी में जल अर्पित करना शुभ होता है, लेकिन उसे छूने से बचें.
विवाद और क्रोध से बचें
कामदा एकादशी के दिन घर में क्लेश, वाद-विवाद या किसी को अपशब्द कहने से बचना चाहिए. जिस घर में अशांति होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता.
मांस-मदिरा और तामसिक भोजन
इस पवित्र दिन पर प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित है. तामसिक भोजन करने से मन की शुद्धि भंग होती है और व्रत का पुण्य फल प्राप्त नहीं होता.
ब्रह्मचर्य का पालन और बाल न काटना
एकादशी की तिथि पर दाढ़ी बनवाना, बाल काटना या नाखून काटना अशुभ माना जाता है. साथ ही, इस दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
आर्थिक लाभ के लिए क्या करें?
- भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय है, इसलिए पूजा के समय पीले कपड़े पहनें.
- इस दिन ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अनाज, फल या तिल का दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है.
- शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें.









