बस्तर में पहली बार सफल हार्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी, 27 वर्षीय युवती को मिला नया जीवन

बस्तर संभाग में पहली बार हार्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। जगदलपुर स्थित कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (CCSH) में चिकित्सकों की टीम ने 27 वर्षीय युवती का सफल मिट्राल वॉल्व रिप्लेसमेंट (एमवीआर) ऑपरेशन कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।
जानकारी के अनुसार, बस्तर ब्लॉक के फरसागुड़ा गांव की रहने वाली युवती पिछले सात महीनों से सांस लेने में तकलीफ और लगातार कमजोरी की समस्या से जूझ रही थी। शुरुआती जांचों में बीमारी की सही वजह सामने नहीं आई। बाद में सीसीएसएच में नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मयूरी शरद द्वारा किए गए ईको परीक्षण में पता चला कि मरीज का मिट्राल वॉल्व गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है और हृदय के बाएं हिस्से में फेलियर की स्थिति बन गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सीटीवीएस सर्जन डॉ. मनोज कुमार महाराणा और कार्डियक एनेस्थेटिस्ट व क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. सौरभ कुमार ने पहले करीब तीन सप्ताह तक मरीज का उपचार कर उसकी स्थिति को सर्जरी के लिए अनुकूल बनाया। इसके बाद मिट्राल वॉल्व रिप्लेसमेंट ऑपरेशन किया गया।
करीब चार घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त मिट्राल वॉल्व को हटाकर उसकी जगह मैकेनिकल वॉल्व प्रत्यारोपित किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज को कुछ समय तक वेंटिलेटर पर रखा गया। होश आने के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया और अब उसकी स्थिति लगातार बेहतर हो रही है।
इस सफल ऑपरेशन में डॉ. मनोज कुमार महाराणा, डॉ. सौरभ कुमार और डॉ. मयूरी शरद के साथ परफ्यूजनिस्ट मधु, रसूल तथा स्टाफ नर्स नंदिनी, फूलो और मनोज की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीज को एक सप्ताह के भीतर अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
अस्पताल के डायरेक्टर रघु एन. रेड्डी ने इसे बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के गंभीर हृदय रोगियों को जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। भविष्य में भी अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करता रहेगा।











