नवरात्रि की पूजा या व्रत हो गया है खंडित तो घबराएं नहीं, दोष से बचने के लिए तुरंत करें ये काम

चैत्र नवरात्रि अब अपने समापन की ओर है. नवरात्रि के अंतिम दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाता है. इन दिनों माता दुर्गा के भक्त नौ दिन का व्रत और पूजन कर रहे हैं, लेकिन कई बार जाने-अनजाने में व्रत-पूजा में कुछ गलतियां न चाहते हुए भी हो जाती हैं. जैसे कई बार कोई गलती से कुछ खा लेता है या पूजा में भूल हो जाती है, तो कई बार कोई समस्या आने के कारण भी व्रत और पूजा खंडित हो जाती है.
अगर ऐसा आपके साथ भी हो गया है, तो घबराएं नहीं. व्रत और पूजा खंडित होने के बाद दोष से बचने के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं. इन उपायों को अवश्य कर लें.
नवरात्रि की पूजा और व्रत खंडित होने पर करें ये उपाय
- अगर अनजाने में हुई गलती या किसी अन्य कारण से व्रत टूट गया है या पूजा खंडित हो गई है तो गलती का प्रायश्चित करें. क्योंकि माता रानी भक्त के सच्चे श्रद्धा भाव को देखती हैं. प्रायश्चित करने से दोष नहीं लगता.
- यदि व्रत में भूल से कुछ खा लिया है, तो अपनी भूल के लिए माता रानी से क्षमा मांग लें. सच्चे मन से प्रार्थना करें. फिर दीपक जलाएं और मां दुर्गा के मंत्र का जाप करें. सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य भी करें.
- अगर सेहत संबंधी समस्या के चलते 9 दिन का व्रत बीच में ही तोड़ना पड़े तो मां दुर्गा को स्थिति बताते हुए क्षमा मांग लें. साथ ही रोजाना पूजा जारी रखें. नवरात्रि व्रत के आखिर में विधि-विधान से हवन और कन्या पूजन करें.
- अखंड ज्योत बुझ गई है, तो घबराएं नहीं. पवित्र स्थिति में अखंड ज्योत में तेल-घी डालकर जला लें. फिर मां दुर्गा से गलती के लिए क्षमा मांगें. इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. मां दुर्गा के मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें.









