8 फ्रैक्चर की वजह से तबाह हो गया इंटरनेशनल करियर, अब चेलों ने IPL में उड़ाया गर्दा


Varun Aaron Story: कहते हैं हीरे की असली परख जौहरी को होती है. लेकिन, सवाल ये है कि जौहरी भी तो ऐसा होना चाहिए जो हीरों को तराश सके. IPL 2026 में खेल रही सभी टीमों का तो पता नहीं, लेकिन काव्या मारन की टीम सनराइजर्स हैदराबाद के पास वो जौहरी दिखा, जिसके ढूंढ़े नगीनों ने पिच पर उतरते ही गर्दा उड़ा दिया. हम बात कर रहे हैं सनराइजर्स हैदराबाद के बॉलिंग कोच वरुण एरॉन की, जिन्होंने इस सीजन IPL की ऑरेंज आर्मी के लिए साकिब हुसैन और प्रफुल्ल हिंगे जैसे हीरे तराशे हैं. खुद का इंटरनेशनल करियर को 8 फ्रैक्चर के चलते तबाह हो गया, मगर एरॉन नए चेहरों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं.
SRH को वरुण एरॉन की देन साकिब और हिंगे
साकिब हुसैन और प्रफुल्ल हिंगे ने IPL 2026 में धमाकेदार डेब्यू किया है. लेकिन, उनके लिए ऐसा करना बिना वरुण एरॉन और उनके गाइडेंस के आसान नहीं था. वरुण एरॉन ने SRH के लिए तेज गेंदबाजी की ब्रिगेड खड़ी करने में जमकर मेहनत की. वरुण ने IPL की दूसरी फ्रेंचाइजियों के स्काउट के जैसे विदेशी गेंदबाजों पर फोकस नहीं किया. बल्कि उसके बदले भारत में ही वो गेंदबाज तलाशे जो सनराइजर्स हैदराबाद को दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने का माद्दा रखते हैं.
साकिब- हिंगे झांकी हैं, ओंकार तारमले बाकी है!
SRH के लिए वरुण एरॉन के खोजे प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन दुनिया ने उनके पहले ही मैच में देखा. बताया जा रहा है कि टीम के पास ओंकार तारमले भी एक ऐसे ही गेंदबाज जो अपनी बारी आते ही धमाका कर सकते हैं. अब सवाल ये है कि वरुण एरॉन ने इन गेंदबाजों की खोज कैसे की?
प्रफुल्ल हिंगे के संपर्क में पहले से थे वरुण
प्रफुल्ल हिंगे को लेकर बताया जा है कि वरुण एरॉन लगातार उनके संपर्क में थे. इंजरी के चलते जब प्रफुल्ल क्रिकेट से दूर रहे थे, तब भी वरुण की नजर उन पर बनी थी. MRF क्रिकेट फाउंडेशन में प्रफुल्ल के रहते हुए वरुण ने उन पर काफी मेहनत की.
साकिब को SMAT में देखा था
साकिब हुसैन को वरुण एरॉन ने पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान देखा था. TV9 से बातचीत में साकिब हुसैन के कोच सौरभ कुमार उर्फ रॉबिन ने बताया कि जिस मैच में वरुण ने साकिब को देखा था उसमें उसने समीर रिज्वी और रिंकू सिंह के सामने मिडिल ओवर के 2 ओवर में सिर्फ 5 रन दिए थे. वहीं डेथ ओवर में गेंदबाजी के दौरान उनकी बाउंसर प्रशांत वीर के गर्दन पर लगी थी, जिससे वो गिर पड़े थे.
वरुण एरॉन बेस्ट बॉलिंग कोच- साकिब के कोच
MRF फाउंडेशन से जुड़े होने के चलते वरुण एरॉन, साकिब को अच्छे से जानते थे. उन्होंने उस पर काफी मेहनत की है. मुंबई में जब वरुण को कमेंट्री से ब्रेक मिलता था तो उसें वो वहीं साकिब की बॉलिंग पर काम करते थे. साकिब हुसैन के कोच के मुताबिक, वरुण एरॉन इस वक्त भारत के सबसे अच्छे बॉलिंग कोच हैं.
8 फ्रैक्चर ने तबाह किया करियर
वरुण एरॉन का इंटरनेशनल करियर एक गेंदबाज के तौर पर खुद अच्छा नहीं गुजरा है. 8 फ्रैक्चर के चलते उनका करियर सिर्फ 35 साल की उम्र में ही तबाह हो गया और उन्हें संन्यास लेना पड़ा. वरुण एरॉन ने भारत के लिए 18 इंटरनेशनल मैच खेले, जिसमें 29 विकेट चटकाए हैं.











