middle east crisis- अमेरिका और इजरायल फिर से ईरान पर कर सकते हैं हमला, रूसी राजदूत ने दी चेतावनी

वांग यी ने कहा था कि चीन का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े तनाव का समाधान वाशिंगटन और तेहरान के बीच स्थायी और व्यापक सीजफायर से ही संभव है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया था कि ताकत से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता और बातचीत ही एकमात्र सही रास्ता है।

middle east crisis/दिल्ली। वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय संगठनों में रूस के स्थायी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के मुद्दे पर चीन के रुख का समर्थन किया है। चीन शुरुआत से ही कहता रहा है कि होर्मुज क्षेत्र में स्थायी सीजफायर होना चाहिए। इसके साथ ही उल्यानोव ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजरायल बहुत जल्द ही ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।

रूसी राजदूत उल्यानोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में चीनी विदेश मंत्री वांग यी की बातों का जिक्र करते हुए कहा, “रूस पूरी तरह से इस नजरिए का समर्थन करता है।”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “पश्चिमी विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल आने वाले कुछ दिनों या कुछ घंटों में ईरान के खिलाफ सैन्य हमले फिर से शुरू कर सकते हैं। अगर यह सच है, तो इसका मतलब है कि अमेरिका और इजरायल अपनी पिछली रणनीतिक गलतियों से कोई सबक नहीं सीख रहे हैं।”

वांग यी ने कहा था कि चीन का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े तनाव का समाधान वाशिंगटन और तेहरान के बीच स्थायी और व्यापक सीजफायर से ही संभव है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया था कि ताकत से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता और बातचीत ही एकमात्र सही रास्ता है।

middle east crisis/यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बहरीन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। इस प्रस्ताव में ईरान से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और माइंस बिछाने से बाज आने की मांग की गई है।ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि तेहरान अब दुश्मन के सैन्य उपकरणों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं देगा।

उन्होंने कहा, “हमने पहले होर्मुज स्ट्रेट पर अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया और सैन्य उपकरणों को वहां से गुजरने दिया। बाद में उन्हीं का इस्तेमाल हमारे खिलाफ किया गया। हम दोबारा ऐसा नहीं होने देंगे।”

इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा कि तेहरान को वाशिंगटन से बातचीत फिर से शुरू करने के संकेत मिले हैं। उन्होंने नई दिल्ली में मीडिया से कहा, “हमें उम्मीद है कि बातचीत आगे बढ़ने के साथ हम अच्छे नतीजे तक पहुंचेंगे, ताकि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।”middle east crisis

हालांकि, अराघची ने चेतावनी दी कि ईरान को अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने पाकिस्तानी मध्यस्थता प्रक्रिया को पूरी तरह विफल नहीं, बल्कि मुश्किल बताया।

वहीं, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ उनका धैर्य खत्म होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के दौरान दोनों इस बात पर सहमत हुए थे कि तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलना होगा। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या शी जिनपिंग ने ईरान पर दबाव डालने का स्पष्ट आश्वासन दिया है, तो ट्रंप ने कहा, “मैं कोई फेवर नहीं मांग रहा हूं, क्योंकि जब आप फेवर मांगते हैं तो बदले में फेवर करना पड़ता है।”

ट्रंप ने शनिवार को अपने तेवर और तीखे करते हुए ट्रूथ सोशल पर एआई से बनी एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे अशांत समुद्र में जंगी जहाजों से घिरे नजर आ रहे थे। तस्वीर के साथ लिखा था, “यह तूफान से पहले की शांति है।”middle east crisis

NewsDesk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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