रायबरेली के स्कूलों में अब बच्चें भी पढ़ेंगे अखबार, बढ़ेगा शब्द ज्ञान, दूर होगी मोबाइल से दूरी…

रायबरेली: बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की दिनचर्या में अखबार को शामिल किया जाएगा. समाचार वाचन और खबरों से जुड़ने से विद्यार्थियों में मोबाइल से दूरी बढ़ेगी साथ ही सोचने-समझने व सवाल करने में निपुण बनेंगे. स्कूलों में रोजाना सुबह प्रार्थनासभा में अखबार पढ़ना, ग्रुप डिस्कशन अनिवार्य किया गया है.
सरकारी स्कूलों में बच्चों को अब अखबार पढ़ने की आदत डाली जाएगी. हर दिन सुबह समाचार वाचन होगा. इससे बच्चों में अखबारों से बच्चों को सही जानकारी मिलेगी और उनकी भाषा सुधरेगी। इसका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत डालना, उनके मानसिक विकास को बढ़ावा देना और उनका स्क्रीन टाइम कम करना है. मोबाइल और स्क्रीन में उलझते बच्चों को फिर से पढ़ाई, सोच और समाज से जोड़ना है. अखबार केवल सूचनाएं नहीं पहुंचाते, समझ, संवेदनशीलता और सामाजिकता भी पैदा करते हैं. पढ़ने की आदत धीरे-धीरे विकसित होती है। ऐसे में अभिभावकों को घर में भी बच्चों को अखबार पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए.
भरोसेमंद माध्यम हैं अखबार
कम उम्र के बच्चों के भी सोशल मीडिया अकाउंट हैं. यह चिंताजनक है. आज के डिजिटल दौर में सूचनाएं हर तरफ से आ रही हैं, लेकिन उसमें कौन-सी सही हैं और सही नहीं है, कई सूचनाएं भ्रामक भी होती हैं, यह समझना चुनौतीपूर्ण है। अखबार आज भी सबसे भरोसेमंद माध्यम हैं। इनको पढ़ने से बच्चों को सटीक और सही जानकारी मिलेगी, विभिन्न घटनाओं को लेकर उनका अपना नजरिया बनेगा और भाषा में सुधार होगा.
बीएसए ने विद्यालयों को जारी किए निर्देश
बीएसए राहुल सिंह का कहना है कि यह सरकार की अच्छी पहल है. शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर योजना का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन प्रार्थना सभा में समाचार पत्रों के समाचारों का वाचन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा. इससे बच्चों ज्ञानकोश तो बढ़ेगा, साथ ही भाषा बेहतर होगी और उन्हें शब्दों का सही प्रयोग सीखने का मौका मिलेगा.