अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग पर सर्व समाज का प्रदर्शन, 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश बंद की चेतावनी

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शनिवार को सर्व समाज ने विवादित टिप्पणी करने वाले अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अग्रवाल समाज, सिंधी समाज, क्षत्रिय समाज, ब्राह्मण समाज, गुरुसिंह सभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन और प्रदेश बंद किया जाएगा।

गौरतलब है कि अमित बघेल, जो छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख हैं, ने हाल ही में रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित किए जाने की घटना पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज की मूर्तियाँ क्यों नहीं टूटतीं।” इस बयान को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

अंबिकापुर के गांधी चौक में हुए इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि अमित बघेल के बयान ने धार्मिक और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करे।

धरना स्थल पर पहुंचे एडिशनल एसपी अमोलक सिंह को सर्व समाज की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि अगर 9 नवंबर तक गिरफ्तारी नहीं होती है, तो 10 नवंबर को प्रदेश बंद का आह्वान किया जाएगा।

अग्रवाल समाज के अध्यक्ष संजय मित्तल ने कहा कि बघेल के बयान ने हमारे इष्ट देवताओं का अपमान किया है, लेकिन अब तक पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। उन्होंने कहा, “क्या शासन हमारे धैर्य की परीक्षा लेना चाहता है? अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध बड़ा रूप लेगा।”

सिंधी समाज के अध्यक्ष अशोक लालवानी ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन निष्क्रिय बने हुए हैं, जबकि समाज लगातार ज्ञापन और धरना देकर न्याय की मांग कर रहा है।

इस बीच, अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने भी इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने अमित बघेल पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302 और 353(1)(C) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अमित बघेल की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ते दबाव के बीच अंबिकापुर समेत पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर माहौल गरम है।