रायगढ़ में हाथियों का आतंक, आधी रात बस्ती में घुसकर 6 कच्चे मकान तोड़े; बाइक सवार भी हुआ घायल

रायगढ़ जिले के कापू वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार देर रात जंगल से निकले दो हाथी अलोला गांव की बस्ती में घुस आए और छह ग्रामीणों के कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय ग्रामीण घरों में सो रहे थे। हाथियों के गांव में पहुंचते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
वन विभाग के अनुसार, इन दिनों कापू वन परिक्षेत्र में करीब 19 हाथियों का दल अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। इनमें से दो हाथी पिछले एक सप्ताह से अलोला गांव के आसपास डेरा डाले हुए हैं और रात के समय भोजन की तलाश में बस्ती की ओर आ रहे हैं। शनिवार रात हाथियों ने रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद वे टेड़ासेमर गांव पहुंचे, जहां दसरिन कोरवा का कच्चा मकान और कार्तिक कोरवा की झोपड़ी भी तोड़ दी। ग्रामीणों के शोर मचाने पर दोनों हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए।
इससे पहले शुक्रवार शाम अलोला बीट क्षेत्र में कापू से किलकिला जा रहे बाइक सवार राजेंद्र सर्पराज और उनके साथी सुखराम डोगीदरहा का सामना सड़क किनारे खड़े हाथियों से हो गया। हाथी के आक्रामक होने पर दोनों ने भागने की कोशिश की। सुखराम तो बच निकले, लेकिन राजेंद्र सर्पराज हाथी के हमले में घायल हो गए।
वन विभाग के मुताबिक रायगढ़ जिले में 150 से अधिक हाथी मौजूद हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार अकेले धरमजयगढ़ वन मंडल में 126 हाथी हैं, जिनमें 35 नर, 66 मादा और 25 शावक शामिल हैं। सबसे अधिक 18 हाथी लैलूंगा रेंज के मुकडेगा बीट में हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों की गतिविधियों की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की है।










