हर साल बढ़ रहा रहस्यमयी शिवलिंग, महाशिवरात्रि पर दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसी कड़ी में भूतेश्वरनाथ मंदिर में स्थित प्राकृतिक शिवलिंग श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह शिवलिंग अपनी अनोखी विशेषता के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

यह शिवलिंग प्राकृतिक रूप से निर्मित है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह मानी जाती है कि इसका आकार हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह स्वयं भगवान शिव का दिव्य स्वरूप है, जो इस पवित्र स्थान पर विराजमान हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

वैज्ञानिकों और पुरातत्व विभाग के लिए भी यह शिवलिंग शोध का विषय बना हुआ है। वर्तमान में इसकी ऊंचाई लगभग 18 फीट और चौड़ाई करीब 20 फीट बताई जाती है। विभाग द्वारा नियमित रूप से इसके आकार का निरीक्षण किया जाता है और रिपोर्ट के अनुसार यह शिवलिंग हर साल लगभग 6 से 8 इंच तक बढ़ता है।

भक्त इस शिवलिंग को भकुर्रा महादेव के नाम से भी जानते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस क्षेत्र में कभी रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती थीं, जिसके बाद ग्रामीणों ने इस स्थान को पवित्र मानकर पूजा शुरू कर दी। समय के साथ यह स्थान श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन गया।

इस शिवलिंग में एक हल्की दरार भी दिखाई देती है, जिसके कारण इसे अर्धनारीश्वर स्वरूप में पूजा जाता है। शिवलिंग के पीछे भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो इसकी धार्मिक महत्ता को और बढ़ाती हैं।

महाशिवरात्रि के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों सहित रायपुर और गरियाबंद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा कर रहे हैं। यह रहस्यमयी शिवलिंग आज भी आस्था और विज्ञान दोनों के लिए आकर्षण और शोध का विषय बना हुआ है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com