रिटायर होने वाले थे पिता, युवक ने सरकारी नौकरी के लालच में कर दी हत्या… बिहार में इकलौते बेटे की खौफनाक साजिश

भोजपुर: जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए रिश्तों को झकझोर देने वाली सच्चाई सामने रखी है. चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में छुट्टी पर आए झारखंड पुलिस के हवलदार पशुपति नाथ तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. इस हत्या का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि मृतक के इकलौते बेटे विशाल तिवारी पर लगा है, जो इस वारदात का मास्टरमाइंड भी बताया जा रहा है.
पुलिस ने इस मामले में मृतक के बेटे विशाल तिवारी के साथ उसके दोस्त मो. जिशान अहमद जिलानी को भी गिरफ्तार किया है. मामले की जानकारी सदर एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी. गिरफ्तार आरोपियों में भगवतपुर गांव निवासी विशाल तिवारी और हजारीबाग जिले के लोसिंगना थाना क्षेत्र निवासी मो. जिशान अहमद जिलानी शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे अनुकंपा पर नौकरी पाने की लालसा, पैसों का विवाद और जमीन की रजिस्ट्री को लेकर चला आ रहा पारिवारिक तनाव मुख्य कारण रहा. बताया गया है कि हवलदार पशुपति नाथ तिवारी अगले महीने जनवरी में सेवानिवृत्त होने वाले थे, जिसको लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा था.
एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. पुलिस ने हत्या से जुड़े अहम साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है.
इस खुलासे के बाद भगवतपुर गांव समेत पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. एक बेटे द्वारा अपने ही पिता की हत्या की घटना ने समाज को गहरे रूप से झकझोर दिया है. फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है.









