गांवों में रुका विकास तो एकजुट हुए सरपंच, प्रशासन के खिलाफ सामूहिक इस्तीफे से मचा हड़कंप

कांकेर। जिले के अंतागढ़ विकासखंड में ग्राम पंचायतों में पिछले एक वर्ष से किसी भी प्रकार के विकास कार्य स्वीकृत नहीं किए जाने से नाराज सभी 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया। सरपंच मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपना इस्तीफा प्रशासन को सौंपा।
“गांवों का विकास पूरी तरह ठप”
सरपंचों का आरोप है कि बीते एक साल से पंचायतों में कोई नया निर्माण या विकास कार्य आवंटित नहीं किया गया, जिसके चलते गांवों में सड़क, नाली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े काम पूरी तरह बंद पड़े हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि कई बार मांग और पत्राचार करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
ग्रामीणों के सवालों का जवाब देना हुआ मुश्किल
सरपंचों ने कहा कि विकास कार्य नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और जनता लगातार पंचायत प्रतिनिधियों से सवाल पूछ रही है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के लिए जवाब देना मुश्किल हो गया है। इसी विरोध के चलते सभी 56 पंचायतों के सरपंचों ने एकजुट होकर सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया।
प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप
सामूहिक इस्तीफे की घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सरपंचों ने मांग की है कि पंचायतों में लंबित विकास कार्यों को जल्द मंजूरी दी जाए और गांवों में रुकी योजनाओं को तत्काल शुरू कराया जाए। अब इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।











