health insurance-हेल्थ इंश्योरेंस पर सबसे बड़ा झटका! आपके पास भी है ये पॉलिसी? 1 सितंबर से बंद हो सकता है कैशलेस इलाज

देश के हजारों अस्पतालों के संगठन AHPI ने अपने सदस्य अस्पतालों को 1 सितंबर से बजाज आलियांज के पॉलिसीधारकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देना बंद करने की सीधी सलाह दी है।

health insurance/दिल्ली: अगर आपने या आपके परिवार ने बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस (Bajaj Allianz General Insurance) से हेल्थ पॉलिसी ली है, तो यह खबर आपकी चिंता बढ़ा सकती है।

देश के हजारों अस्पतालों के संगठन AHPI ने अपने सदस्य अस्पतालों को 1 सितंबर से बजाज आलियांज के पॉलिसीधारकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देना बंद करने की सीधी सलाह दी है।health insurance

यह विवाद सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है, केयर हेल्थ इंश्योरेंस (Care Health Insurance) भी अस्पतालों के निशाने पर है।

अगर इन दोनों कंपनियों और अस्पतालों के बीच का यह टकराव नहीं सुलझा, तो लाखों पॉलिसीधारकों को अस्पताल में भर्ती होने पर अपनी जेब से पूरा पैसा चुकाना पड़ सकता है।

क्यों मचा है ये बवाल? अस्पतालों ने लगाए गंभीर आरोप

अस्पतालों का प्रतिनिधित्व करने वाले एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स-इंडिया (AHPI) ने बीमा कंपनियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी वजह से यह बड़ा कदम उठाया गया है: health insurance

  1. सालों पुराने रेट पर इलाज: AHPI का कहना है कि बजाज आलियांज कई साल पुराने कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर इलाज का पैसा दे रही है, जबकि मेडिकल महंगाई (दवाओं, उपकरणों का खर्च) हर साल 7-8% बढ़ रही है।

  2. मनमानी कटौती और देरी: अस्पतालों की शिकायत है कि बीमा कंपनी बिल में मनमाने ढंग से कटौती करती है, पेमेंट देने में महीनों की देरी करती है और इलाज के लिए कैशलेस अप्रूवल देने में भी बहुत लंबा समय लगाती है।

  3. बातचीत से इनकार: अस्पतालों का आरोप है कि बढ़ती लागत के हिसाब से पेमेंट रेट्स को रिवाइज करने की उनकी मांग को बीमा कंपनी लगातार नजरअंदाज कर रही है।

AHPI के महानिदेशक गिरधर ग्यानी ने साफ कहा कि इन पुरानी दरों पर मरीजों को अच्छी गुणवत्ता वाला इलाज देना अब “असंभव” होता जा रहा है।

पॉलिसीधारकों पर क्या होगा असर?health insurance

अगर यह फैसला लागू होता है, तो इसका सीधा और सबसे बुरा असर पॉलिसीधारकों पर पड़ेगा:

  • कैशलेस सुविधा खत्म: आपको अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज का पूरा खर्च पहले अपनी जेब से देना होगा

  • रीइंबर्समेंट का झंझट: बाद में आपको सारे बिल और दस्तावेज इकट्ठा करके बीमा कंपनी के पास जमा करने होंगे और फिर अपने पैसे वापस पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

  • आर्थिक बोझ: इमरजेंसी की स्थिति में यह एक बड़ा आर्थिक बोझ बन सकता है, क्योंकि कैशलेस सुविधा का मूल उद्देश्य ही यही है कि मरीज को पैसे की चिंता न करनी पड़े।health insurance

कंपनियों ने क्या कहा?health insurance

बजाज आलियांज ने इस कदम पर हैरानी जताते हुए कहा है कि वे हमेशा ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस मामले को सुलझाने के लिए AHPI के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वहीं, AHPI ने केयर हेल्थ इंश्योरेंस को भी 31 अगस्त तक का समय दिया है, जवाब न मिलने पर उनके ग्राहकों के लिए भी कैशलेस सुविधा रोकी जा सकती है।

NewsDesk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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