छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई: सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल

धमतरी: समर्थन मूल्य में धान खरीदी को शासन ने सर्वोच्च प्राथमिकता माना है. खरीदी शुरु होने के पहले से हड़ताल कर रहे सहकारी समिति कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई थी कि काम पर लौटकर धान खरीदी का कार्य करे. लगातार नोटिस के बाद भी जब कर्मचारी काम पर नहीं आए तो एस्मा लागू कर दिया गया. इसका उल्लंघन करने पर अब कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
पहली बड़ी कार्रवाई सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ग्राम छाती निवासी नरेन्द्र साहू पर हुई है. कुरुद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया है. टीम ने कई जगहों पर तलाशी की और अंततः बुधवार तड़के रायपुर में प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र साहू को पकड़ लिया गया. 19 नवंबर की शाम नरेन्द्र साहू को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया.
अछोटा, शंकरदाह व कुकरेल के समिति प्रबन्धक बर्खास्त:
प्रदेश में एस्मा एक्ट लागू होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अछोटा समिति के लेखापाल खिलेश्वर चन्द्राकर, शंकरदाह केंद्र के प्रभारी प्रबंधक देवेन्द्र साहू और कुकरेल समिति के थानेश्वर देवांगन को बर्खास्त कर दिया है. इन पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप है.
वहीं, कोड़ेबोड़ समिति के प्रभारी प्रबंधक रोहित साहू के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. इधर एस्मा एक्ट और उसके तहत उठाई गई कार्रवाई से कर्मचारियों के बीच हड़कंप है. नेतृत्वकर्ताओं पर लगातार एफआईआर, बर्खास्तगी, और जेल भेजने जैसी कार्रवाइयों के बाद हड़ताल में शामिल कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है.
अन्य जिलों में भी यह कार्रवाई की जा रही है:
वैसे अन्य जिलों में सोसायटी प्रबंधको व ऑपरेटरों को बर्खास्त किया गया है। वहीं गिरफ्तार कर जेल भेजने की शुरुआत धमतरी में हुई है।चूंकि संघ का नेतृत्व धमतरी निवासी नरेन्द्र साहू के द्वारा किया जा रहा, इसलिए सबसे पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूर्व में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद सोसायटी कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया था. इधर कार्रवाई से साफ हो गया कि समिति कर्मचारी संघ के हड़ताल के आगे झुकने वाला नही है एवं वैकल्पिक व्ययवस्था कर धान खरीदी की जा रही है.











