पिता-पुत्र-भतीजे की एक साथ जली चिता…VIDEO:2 भाई साथ में दफनाए गए; मूवी देखकर घर लौट रहे थे 11 लोग, स्कॉर्पियो सवार 5 की मौत

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें पिता-पुत्र और भतीजे समेत 2 परिवार के लोग शामिल थे। पिता-पुत्र और भतीजे की एक साथ चिता जली। वहीं दो अन्य परिवार के लोग थे। इन दोनों भाइयों को एक साथ दफनाया गया। इस दौरान पूरा गांव रो पड़ा।
इस दौरान लखनराम मंडावी (40), भूपेंद्र मंडावी (17) और रूपेश मंडावी (23) की चिता एक साथ जलाई गई। लखनराम मंडावी और भूपेंद्र मंडावी पिता-पुत्र हैं। वहीं नूतन मांझी (18) और शत्रुघ्न मांझी (26) के शव एक साथ दफनाए गए हैं। दोनों सगे भाई थे। 11वीं के छात्र थे। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़े डोंगर गांव का है।
अब जानिए कैसे हुआ भीषण हादसा ?
दरअसल, 18 नवंबर की रात को सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़े डोंगर गांव के रहने वाले 11 लोग छत्तीसगढ़ फिल्म ‘माटी’ देखने के लिए गए थे। फिल्म खत्म होने के बाद स्कॉर्पियो से अपने गांव बड़े डोंगर लौट रहे थे। वह मसोरा टोल प्लाजा के पास पहुंचे थे कि हादसे का शिकार हो गए।
मसोरा टोल प्लाजा के पास एक खराब ट्रक खड़ा था। इसी ट्रक में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो जा घुसी। हादसा इतना भयंकर था कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए। 5 लोगों की मौके पर मौत हो गई। इसमें कुछ के माथे पर, कुछ के हाथ और कुछ के सीने पर चोटें आईं।
वहीं 6 लोग घायल हैं, जिसमें कुछ लोगों के हाथ टूट गए हैं, तो किसी के सिर पर गंभीर चोट है। 3 लोगों को जगदलपुर रेफर किया गया है, जबकि 3 लोगों का कोंडागांव में ही इलाज चल रहा है। घायलों की हालत में सुधार हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
वहीं परिजनों ने कहा कि मसोरा टोल प्लाजा के पास हाईवे पर ट्रक को हटाने के लिए क्रेन या अन्य संसाधन भी उपलब्ध नहीं थे। हादसे के समय टोल प्लाजा पर कोई गार्ड मौजूद नहीं था। टोल प्रशासन सक्रिय होता और खराब ट्रक को समय पर हटाया जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
परिजनों ने कहा कि खराब ट्रक को बिना किसी चेतावनी संकेत के सड़क के बीच में ही छोड़ दिया गया था। रात में अंधेरा होने और संकेत न होने के कारण स्कॉर्पियो (CG27R7) चालक को ट्रक (04HU8214) दिखाई नहीं दिया। गाड़ी सीधे जाकर टकरा गई।











