‘बैटल ऑफ गलवान’ पर चीन की आपत्ति को भारत ने किया खारिज, कहा– फिल्म निर्माताओं को है पूरी रचनात्मक स्वतंत्रता

बॉलीवुड फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर चीन की ओर से की गई आलोचना पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। भारत ने साफ कहा है कि देश में फिल्म निर्माताओं को रचनात्मक स्वतंत्रता प्राप्त है और किसी भी रचनात्मक अभिव्यक्ति पर बाहरी दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चीन के सरकारी मीडिया की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा कि फिल्मों का निर्माण और उनकी विषयवस्तु अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है। भारत में कला, साहित्य और सिनेमा को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने का अधिकार है।
भारत की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी फिल्म का उद्देश्य इतिहास या घटनाओं को रचनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना होता है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है, जिस पर चीन की आपत्ति के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया था। भारत के इस रुख के बाद साफ हो गया है कि वह रचनात्मक स्वतंत्रता के सवाल पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।









