गाजीपुर: पापा गए इजराइल जाने के लिए फ्लाइट टिकट बुक करवाने, घर पर बेटा-बेटी की…

पिता जहां अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के सपने लेकर इजराइल जाने की तैयारी कर रहा था, वहीं किस्मत ने ऐसा कहर बरपाया कि एक ही रात में उसके दोनों मासूम बच्चों की जिंदगी छिन गई. यह घटना उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के भुड़सुरी गांव की है, जहां सर्पदंश से भाई-बहन की मौत हो गई.

कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर कुसुम गांव निवासी झूरी यादव की बेटी की शादी मऊ जनपद के भुड़सुरी गांव निवासी योगेश यादव से हुई थी. शादी के बाद दंपती को एक बेटा और एक बेटी हुई, जिनके नाम अनन्या यादव (6 वर्ष) और शिवांश यादव (3 वर्ष) हैं. दोनों बच्चे अपनी मां के साथ ननिहाल में रह रहे थे. ठंड के मौसम में रोज़ की तरह दोनों बच्चों ने रात का भोजन किया और सो गए.

सर्पदंश से दो बच्चों की मौत

रात में कुछ समय बाद जब मां अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए उन्हें जगाने पहुंची, तो दोनों के शरीर में कोई हलचल नहीं दिखाई दी. यह देखकर वह घबरा गई और शोर मचाया. परिजन तत्काल दोनों बच्चों को मऊ जनपद के एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार, दोनों बच्चों की मौत सर्पदंश के कारण हुई थी.

इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया. मां अपने बच्चों को सीने से लगाकर रोती-बिलखती रही और परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर गहरा शोक व्याप्त हो गया.

बताया जाता है कि परिजन सांप के डसे दोनों बच्चों को लेकर अमवा गांव स्थित अमवा सती माई धाम भी पहुंचे थे, जहां धार्मिक आस्था के अनुसार उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद परिजनों ने दोनों मासूमों का अंतिम संस्कार कर दिया.

पिता इजराइल जाने की कर रहा था तैयारी

घरवालों ने बताया कि दोनों बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पिता योगेश यादव लंबे समय से रोजगार की तलाश में जुटा हुआ था. हाल ही में उसका चयन इजरायल में वेंडर ट्रेड के लिए हुआ था. इसी सिलसिले में वह एक दिन पहले ही आजमगढ़ गया था, जहां पासपोर्ट और फ्लाइट टिकट बनवाने की प्रक्रिया में लगा हुआ था. लेकिन जैसे ही उसे अपने बेटा और बेटी की मौत की सूचना मिली, वह सभी काम छोड़कर तुरंत मऊ के लिए रवाना हो गया.

पिता जब अपने बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं. इसके बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार सरयू घाट के किनारे किया गया. इस घटना के बाद योगेश यादव ने इजरायल जाने की योजना को निरस्त कर दिया है और अब उसने अपने क्षेत्र में ही रहकर काम करने की इच्छा जताई है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com