सुपौल में सरकारी शिक्षकों के लिए जारी हुआ फरमान, जल्द निपटा ले ये काम, वरना होगी फजीहत

सुपौल : सुपौल में शिक्षा विभाग नित्य नए-नए आदेश जारी कर रहा है, इस आदेश का शिक्षक अक्षरस: पालन भी कर रहे हैं, अब सरकारी शिक्षकों के लिए विभाग ने फिर से एक नया आदेश जारी कर दिया है. अगर इस आदेश का शिक्षक पालन नहीं करते हैं तो विभागीय परेशानी उठानी पड़ सकती है. दरअसल आपको बता दें कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को संपत्ति का ब्यौरा देने के बाद ही वेतन का भुगतान होगा.

कट आफ डेट 31 दिसंबर 2025 के आधार पर चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा जमा करना अनिवार्य किया गया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत नियमित, विशिष्ट, बीपीएससी, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक शिक्षक है जिन्हें संपत्ति का ब्यौरा देना है.

इसमें नियोजित शिक्षक शामिल नहीं होंगे. सरकारी विभागों में कार्यरत सभी पदाधिकारी व कर्मियों को अपने चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा जमा करना है. संपत्ति का ब्यौरा देने के बाद ही उनका जनवरी व फरवरी माह का वेतन भुगतान किया जाएगा. ब्यौरा नहीं देने वाले कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करते हुए इसकी सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को भी दिया जाएगा.

बताया कि समूह क, ख एवं ग के पदाधिकारी एवं कर्मियों को वेतन तभी मिलेगा जब वे चार जनवरी तक सूची और 7 फरवरी तक चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा जमा कर देंगे. चल अचल संपत्ति एवं दायित्वों का ब्यौरा जमा करने के लिए निर्धारित फॉर्मेट विभाग के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध भी कर दिया गया है. सभी निकासी एवं व्यवन पदाधिकारी आगामी 7 जनवरी तक समूह क, ख एवं ग के सभी पदाधिकारी एवं कार्यों की सूची विहित प्रपत्र में पंजीकृत करने को कहा गया है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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