मैहर में फेयरवेल पार्टी के बाद सड़कों पर हुड़दंग, नाबालिग छात्रों ने जीप-कारों पर किए जानलेवा स्टंट

मैहर: शहर के सांदीपनी शासकीय विद्यालय में आयोजित फेयरवेल पार्टी के बाद छात्रों का उत्साह उस समय बेकाबू हो गया, जब विदाई समारोह समाप्त होते ही कुछ छात्र सड़कों पर उतर आए और यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने लगे. मामला गुरुवार का बताया जा रहा है, जब 11वीं कक्षा के छात्रों द्वारा 12वीं के विद्यार्थियों को दी गई फेयरवेल पार्टी के बाद शहर की सड़कों पर खतरनाक नजारा देखने को मिला.
जानकारी के अनुसार, पार्टी के उपरांत छात्रों ने लग्जरी कारों, जीपों और ट्रैक्टरों के साथ शहर में रैली निकाल दी. इस दौरान कई वाहन तेज रफ्तार में दौड़ते नजर आए, जिनमें से अधिकांश वाहन नाबालिग छात्रों द्वारा चलाए जा रहे थे. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई छात्र चलती गाड़ियों की खिड़कियों से बाहर लटकते हुए नजर आ रहे हैं. कुछ छात्र कारों की छतों पर खड़े होकर हूटिंग करते हुए स्टंट कर रहे थे, तो कहीं जीप के पीछे लटककर युवक सड़क पर दौड़ती गाड़ियों के साथ करतब दिखाते दिखाई दिए.
तेज रफ्तार वाहनों पर इस तरह के स्टंट न केवल छात्रों की जान के लिए खतरा बने, बल्कि आम राहगीरों, दोपहिया चालकों और पैदल चल रहे नागरिकों के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि किसी भी मोड़ पर वाहन अनियंत्रित हो जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
यह पूरा घटनाक्रम शहर के प्रमुख मार्गों पर घंटों तक चलता रहा. शोरगुल, तेज हॉर्न, रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई स्थानों पर कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हुआ. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हुड़दंग खुलेआम हो रहा था, लेकिन मौके पर न तो यातायात पुलिस दिखाई दी और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई.
पुलिस की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
घटना के बाद नागरिकों में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच जाती, तो इस तरह की अराजकता रोकी जा सकती थी. स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि नाबालिग छात्रों को वाहन कैसे मिले? बिना हेलमेट और बिना लाइसेंस वाहन कैसे दौड़ाए गए? पुलिस गश्त के बावजूद इतनी बड़ी रैली कैसे निकल गई?
प्राचार्य ने दी सफाई
विद्यालय के प्राचार्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से शासकीय जांच समिति के कार्य में व्यस्त होने के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाए थे. स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार फेयरवेल पार्टी वाले दिन छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में नहीं थे. उन्होंने आशंका जताई कि पार्टी समाप्त होने के बाद कुछ छात्र बाहरी तत्वों के संपर्क में आकर इन गतिविधियों में शामिल हुए होंगे. विद्यालय प्रबंधन ने इस पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को देने की बात कही है.
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें नाबालिग छात्रों की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है. वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जताई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई हो, वाहन मालिकों पर भी जुर्माना लगाया जाए, स्कूल परिसरों में होने वाले आयोजनों के बाद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.











