इटावा में बदलेगी खेती की तस्वीर! गौ आधारित जीरो बजट खेती से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

इटावा : सैफई।खेती को रासायनिक निर्भरता से मुक्त कर प्राकृतिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक किसान प्रशिक्षण केंद्र, सैफई में तीन दिवसीय गौ आधारित जीरो बजट खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया.प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागी किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए.
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर अरविंद प्रताप सिंह परिहार (एनएमएनएफ) ने किसानों को गौ आधारित खेती की उपयोगिता और लाभों की विस्तार से जानकारी दी.उन्होंने बताया कि इस पद्धति में गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार प्राकृतिक उर्वरक एवं कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार होता है.उन्होंने कहा कि गौ आधारित खेती अपनाने से खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आती है, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं.
मास्टर ट्रेनर ने जैविक उर्वरकों के निर्माण, प्राकृतिक कीटनाशकों की तैयारी, गौ दुग्ध एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण तथा उनके विपणन के तरीकों पर भी विस्तृत जानकारी दी.साथ ही जैविक फसलों की खेती कर बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के उपायों पर भी चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसान खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आय के नए अवसर भी सृजित कर सकते हैं.
केंद्र के निदेशक विपिन यादव ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित करना है.उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को किसान अपनी खेती में अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे.साथ ही उन्होंने क्षेत्र के किसानों से केंद्र में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की.











