दो अहम विधेयकों की जांच के लिए संसदीय समितियों को मिला अतिरिक्त समय

लोकसभा ने गुरुवार को दो महत्वपूर्ण विधेयकों की समीक्षा कर रही संसदीय समितियों का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला किया। इनमें ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ और ‘जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2025’ शामिल हैं। सदन ने ध्वनिमत से दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।
उच्च शिक्षा के लिए एकल नियामक व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव रखने वाले विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक की गहन जांच के लिए गठित संयुक्त समिति का कार्यकाल मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाया गया है। समिति की अध्यक्ष ने सदन में यह प्रस्ताव रखा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
वहीं, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2025 की समीक्षा कर रही प्रवर समिति का कार्यकाल 13 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह विधेयक 42 कानूनों के 288 प्रावधानों को गैर-आपराधिक बनाने का लक्ष्य रखता है, ताकि व्यापार सुगमता को बढ़ावा मिले और नियामकीय बोझ कम हो।
विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था। इसकी विस्तृत जांच के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया गया है। सरकार का कहना है कि यह पहल न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगी।
जन विश्वास विधेयक को भी मानसून सत्र में पेश कर आगे की समीक्षा के लिए समिति को भेजा गया था। इसे भारत की नियामक सुधार प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य कारोबारी माहौल को सरल और प्रभावी बनाना है।











