प्रगति के सोपान पर धमतरी: औद्योगिक क्रांति और जल-समृद्धि के नए युग का सूत्रपात

धमतरी . छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी के आँचल में बसा धमतरी जिला आज विकास के एक ऐसे स्वर्णिम क्षितिज की ओर बढ़ रहा है, जहाँ औद्योगिक आधुनिकता और ग्रामीण खुशहाली का अद्भुत संगम हो रहा है . राज्य शासन के भगीरथ संकल्पों का परिणाम है कि आज जिले के जन-जन तक सुविधाओं की अविरल धारा पहुँच रही है .
औद्योगिक उत्कर्ष: करेलीबाड़ी बनेगा निवेश का नया केंद्र

जिले की आर्थिक धमनियों को शक्ति देने के लिए ग्राम करेलीबाड़ी में 14 हेक्टेयर क्षेत्र में एक वृहद औद्योगिक गलियारे का निर्माण प्रारंभ हो चुका है . रायपुर-धमतरी इकोनॉमिक कॉरिडोर के समीप स्थित होने के कारण यह क्षेत्र भविष्य में 70 करोड़ रुपये के निवेश का साक्षी बनेगा . आधुनिक प्रशासनिक सुविधाओं और 36 विकसित भूखंडों के साथ यह परियोजना लगभग 300 युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी .
नल से जल: 83 गांवों की प्यास बुझाएगी सिर्री समूह योजना

ग्रामीण जीवन के उत्थान हेतु ‘सिर्री समूह जलप्रदाय योजना’ एक बड़ी सौगात के रूप में उभरी है . 12512.31 लाख रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना महानदी के पावन जल को रुद्री बैराज के माध्यम से 83 गांवों के 29 हजार से अधिक घरों तक पहुँचाएगी . अगले 24 महीनों में पूर्ण होने वाली यह योजना न केवल डेढ़ लाख ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगी, बल्कि गिरते भू-जल स्तर की चिंता से भी मुक्ति दिलाएगी .
सिंचाई सुदृढ़ीकरण: बजट से मिला बांधों और नहरों को संबल

कृषकों की समृद्धि और जल सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए बजट 2026-27 में गंगरेल, सोंदूर और मुरूमसिल्ली जैसे प्रमुख जलाशयों के लिए धनवर्षा की गई है . गंगरेल बांध में आईलैंड निर्माण से लेकर नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुँचाने हेतु लाइनिंग और सुदृढ़ीकरण के कार्य किए जाएंगे . कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में ये कार्य तकनीकी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जा रहे हैं, ताकि धमतरी का किसान आर्थिक रूप से और सशक्त हो सके .











