​रीवा: कोर्ट के स्टे के बावजूद दबंगों द्वारा जमीन पर कब्जा, पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल

रीवा: ​रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बीड़ा ग्राम से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहाँ एक पीड़ित परिवार ने अपने ही रिश्तेदारों और स्थानीय दबंगों पर पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है.

पीड़ित का कहना है कि तहसीलदार द्वारा भूमि पर ‘स्टे ऑर्डर’ दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है और स्थानीय पुलिस इस मामले में मूकदर्शक बनी हुई है.

​बीड़ा निवासी रामगोपाल यादव पिता मथुरा यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी पैतृक जमीन पर उनके ही चाचा के लड़के और चाची पार्वती यादव, मोहन यादव, बुद्धसेन यादव एवं अन्य जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य करवा रहे हैं.

​रामगोपाल के अनुसार, उन्होंने इस विवाद को लेकर सेमरिया तहसीलदार में गुहार लगाई थी, जिसके बाद तहसीलदार ने जमीन पर स्टे लगा दिया था. लेकिन दबंगों ने प्रशासन के इस आदेश को ठेंगा दिखाते हुए फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है.

​पीड़ित ने स्थानीय पुलिस और 112 डायल की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. रामगोपाल का आरोप है कि जब भी वह 112 नंबर डायल कर पुलिस को बुलाता है, तो पुलिस दबंगों को रोकने के बजाय पीड़ित को ही उल्टा डांटकर चली जाती है।”
​”पुलिस का कहना है कि वे इस स्टे ऑर्डर को नहीं मानते, जबकि पीड़ित ने थाने में इसकी रिसीविंग भी दी है पीड़ित ने बताया कि​”दबंगों ने कल हमें घर में कैद कर दिया था, पुलिस की गाड़ी आने के बाद ही हम बाहर निकल पाए.”

​न्याय की आस में पीड़ित रामगोपाल यादव कलेक्ट्रेट कार्यालय, एसपी ऑफिस और तहसील के चक्कर काट रहे हैं. उन्होंने बताया कि हर जगह से उन्हें आश्वासन और रिसीविंग तो मिल रही है, लेकिन मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही और वहाँ गुंडागर्दी के दम पर काम चल रहा है. मेरी पत्नी और बच्चे घर में डरे हुए हैं, उन्हें गालियाँ दी जा रही हैं। प्रशासन से मेरी विनती है कि कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाए और हमें न्याय दिया जाए.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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