कर्ज भुगतान में भी छाया UPI, 92% ट्रांजैक्शन के साथ बना सबसे भरोसेमंद माध्यम

डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। पीयर-टू-पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्ज से जुड़े लेनदेन में भी UPI सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम बन गया है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 92 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, UPI के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या नेट बैंकिंग, IMPS और डेबिट कार्ड जैसे अन्य विकल्पों से कहीं अधिक है। इससे साफ है कि लोग तेज, आसान और रियल-टाइम भुगतान प्रणाली पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि महिला निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। औसतन महिला उधारदाताओं ने लगभग 2.5 लाख रुपये का निवेश किया, जो पुरुषों के मुकाबले करीब चार गुना अधिक है। इससे यह संकेत मिलता है कि महिलाओं की वित्तीय भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
निवेश के पैटर्न पर नजर डालें तो अधिकतर निवेशक जोखिम कम करने के लिए अपनी राशि को कई उधार लेने वालों में बांट रहे हैं। बड़ी संख्या में निवेशकों ने 200 से ज्यादा उधारकर्ताओं को लोन दिया है, जिससे विविधता के जरिए जोखिम प्रबंधन की रणनीति अपनाई जा रही है।
लोन अवधि के मामले में भी बदलाव देखा गया है। ज्यादातर निवेशक 2 से 6 महीने की छोटी अवधि के लोन को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि अब 12 महीने की अवधि वाले लोन विकल्प भी सामने आए हैं, जिनमें शुरुआती रुचि दिखाई दे रही है।
भौगोलिक रूप से भी इस प्लेटफॉर्म का विस्तार बढ़ा है। मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अधिकांश लेनदेन मोबाइल डिवाइस के जरिए किए जा रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक अब चलते-फिरते और रियल-टाइम में अपने निवेश को प्रबंधित करना पसंद कर रहे हैं।









