एआई से बने कथित आपत्तिजनक धार्मिक वीडियो पर विवाद, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

राजधानी में सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए गए कथित आपत्तिजनक धार्मिक वीडियो को लेकर विवाद गहरा गया है। फेसबुक के एक पेज पर हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े 50 से अधिक वीडियो अपलोड किए जाने का आरोप है, जिनमें धार्मिक मान्यताओं से जुड़े भ्रामक और आपत्तिजनक दावे किए गए हैं।
मामले को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी है।
पुलिस के अनुसार संबंधित फेसबुक पेज पर अपलोड वीडियो में ईसा मसीह को हिंदू देवी-देवताओं का पिता बताए जाने सहित कई विवादित दृश्य दिखाए गए हैं। वीडियो में भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान राम से जुड़े कथित आपत्तिजनक चित्रण भी शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन वीडियो के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया है।
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि एआई तकनीक का उपयोग कर देवी-देवताओं को कार्टूननुमा स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। संगठनों ने संबंधित वीडियो तत्काल हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि फेसबुक पेज का डेटा सुरक्षित रखने के लिए साइबर सेल की ओर से आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तकनीकी जांच के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि पेज किसने बनाया, उसका संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था, किस इंटरनेट कनेक्शन और मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया तथा वीडियो अपलोड करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे वीडियो तैयार करने में डीपफेक सहित कई एआई टूल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। उनका सुझाव है कि पुलिस को एआई फोरेंसिक तकनीक और उन्नत साइबर जांच उपकरणों का उपयोग कर वीडियो की सत्यता, स्रोत और निर्माताओं की पहचान करनी चाहिए। साथ ही लोगों को एआई के दुरुपयोग और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की भी आवश्यकता है।











