राजस्थान: इंसानियत की मिसाल बना कुचामन-नावां राजस्व प्रशासन, कर्मचारी के निधन के बाद बेटियों की शादी में निभाई जिम्मेदारी

डीडवाना-कुचामन: जिले में गुरुवार को एक ऐसा प्रेरक दृश्य सामने आया, जिसने मानवता की मिसाल कायम कर दी. बीते फरवरी माह में कुचामन सिटी में कार्यरत भू अभिलेख निरीक्षक (RI) विक्रम सिंह के असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. उनकी पुत्रियों ज्योति कंवर और समीक्षा कंवर का विवाह 10 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन पिता के निधन के कारण यह आयोजन स्थगित करना पड़ा.
राजस्व परिवार ने निभाया फर्ज, मिलकर संभाली जिम्मेदारी
समय ने एक बार फिर करवट ली और गुरुवार को स्वर्गीय विक्रम सिंह की दोनों बेटियों का विवाह समारोह संपन्न हुआ. इस शादी समारोह में राजस्व परिवार, उपखंड प्रशासन कुचामन सिटी और नावां सिटी ने इसे अपना दायित्व मानते हुए आगे बढ़कर सहयोग किया. सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बेटियों का विवाह पूरे सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न हो.

चार लाख से अधिक का सहयोग, निभाया कन्यादान का फर्ज
राजस्व परिवार, उपखंड प्रशासन कुचामन सिटी की ओर से 2 लाख 51 हजार रुपए नकद सहायता, 5100 रुपए कन्यादान और दोनों कन्याओं के लिए विवाह के वस्त्र भेंट किए गए. वहीं, उपखंड प्रशासन नावां सिटी ने 1 लाख 41 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की और 5100 रुपए कन्यादान में भी दिए गए. इस प्रकार दोनों उपखंड प्रशासन की और से कुल 4 लाख 13 हजार रुपए का सहयोग जुटाकर विवाह समारोह को सफल बनाया गया.
अधिकारियों ने जताई संवेदनाएं, बताया कर्तव्य से बढ़कर मानवीय रिश्ता
कुचामन सिटी के एसडीएम विश्वामित्र मीणा ने इस मौके पर कहा कि सरकारी सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी विषय है. स्वर्गीय विक्रम सिंह हमारे परिवार का हिस्सा थे, ऐसे में उनके परिवार के साथ खड़ा रहना हमारा कर्तव्य है. तहसीलदार कैलाश इनाणिया ने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार को अकेला छोड़ना संभव नहीं था. सभी साथियों ने मिलकर जो सहयोग किया, वह हमारी एकजुटता का प्रमाण है.
नावां तहसीलदार रामेश्वर लाल गढ़वाल ने कहा कि राजस्व विभाग एक परिवार की तरह है. जब कोई सदस्य संकट में हो, तो साथ देना हमारी परंपरा और जिम्मेदारी दोनों है. सहायक प्रशासनिक अधिकारी कुचामन सिटी रणजीत सिंह ने कहा कि यह सहयोग केवल आर्थिक नहीं, बल्कि भावनात्मक संबल भी है, जिससे परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिला.

मानवता का संदेश छोड़ गया आयोजन
इस अवसर पर बाबूलाल (भू अभिलेख निरीक्षक), महेंद्र सिंह, बलदेव राम, संपत सिंह (पटवारी), विनोद कुमार (सूचना सहायक) और लालचंद (वरिष्ठ सहायक) सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे. यह विवाह समारोह सिर्फ एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब संवेदनाएं जिंदा हों, तो कोई भी परिवार अकेला नहीं होता.









