केनाल लिंक रोड निर्माण पर विवाद, बेदखली नोटिस के बाद निगम पहुंचे रहवासी

रायगढ़ के जोगीडीपा-फौजदार पारा इलाके में प्रस्तावित केनाल लिंक रोड निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर निगम द्वारा पहले चरण में करीब 25 से 30 लोगों को बेदखली नोटिस जारी किए जाने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय महिला और पुरुष निगम कार्यालय पहुंचे और विरोध जताते हुए महापौर से मुलाकात की। लोगों ने विस्थापन, पुनर्वास और मुआवजे को लेकर अपनी चिंाएं सामने रखीं।
निगम ने बताया अवैध निर्माण
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि नजूल भूमि पर बिना अनुमति निर्माण किया गया है, जो नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 293 का उल्लंघन है। प्रभावित लोगों से निर्माण संबंधी अनुमति दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
“कम से कम परिवार हों प्रभावित” – महापौर
महापौर जीवर्धन चौहान ने प्रभावित लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि परियोजना में कम से कम परिवार प्रभावित हों, इसका प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर परिवार का बेहतर तरीके से विस्थापन और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। महापौर ने प्रगति नगर परियोजना का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 70 मकान टूटे थे और 120 लोगों को नए मकान उपलब्ध कराए गए थे।
रहवासियों ने जताई चिंता
जोगीडीपा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बेदखली नोटिस में पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन के बाद की व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। लोगों ने मांग की कि सड़क निर्माण से पहले प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस ने निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। साथ ही प्रस्तावित केनाल लिंक रोड की चौड़ाई और परियोजना के स्वरूप को सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
जांच के लिए बनी 8 सदस्यीय समिति
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश और जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव की सहमति से मामले की जांच के लिए 8 सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करेगी, प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगी और अधिकारियों से चर्चा के बाद दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।











