नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुनर्वास और मुआवजे की उठी मांग

रायपुर जिले के धरसीवा विकासखंड स्थित नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई परिवारों के मकान तोड़े जाने के विरोध में दुर्ग में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) और जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (शहर) के संयुक्त नेतृत्व में पटेल चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, उचित मुआवजे और वैकल्पिक आवास की मांग की।
प्रदर्शन में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य शामिल हुए। नेताओं का आरोप था कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए लोगों के घर तोड़ना गरीब परिवारों के साथ अन्याय है।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों को बेघर करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान हटाए गए, वे वर्षों से वहां रह रहे थे और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन सरकारी थी तो प्रशासन ने इतने वर्षों तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में परिवारों को खुले आसमान के नीचे छोड़ना अमानवीय है।
दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि नकटी गांव की घटना केवल एक गांव का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश के गरीब परिवारों के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है और कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगी।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा, पुनर्वास और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।











