सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर पर FIR, पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस से जोड़ने का आरोप

रायपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो और तस्वीरों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भाजपा नेताओं के एक पुराने कार्यक्रम के वीडियो को स्वतंत्रता दिवस का बताकर प्रसारित किया गया, जिससे गलत जानकारी फैली और राजनीतिक व सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती थी।
शिकायत के मुताबिक, 15 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें शेयर की गई थीं। इनमें दावा किया गया कि धमतरी जिले के कुरूद में भाजपा नेताओं ने राष्ट्रीय ध्वज की जगह पार्टी का झंडा फहराया। बाद में शिकायतकर्ता ने दावा किया कि वीडियो और तस्वीरें स्वतंत्रता दिवस की नहीं, बल्कि 22 मार्च 2026 को आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान की हैं।
क्या है पूरा मामला
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने 17 अगस्त को साइबर क्राइम और सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दी। उनका आरोप है कि पुराने वीडियो और तस्वीरों को नए संदर्भ में पेश कर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने की कोशिश की गई।
बताया गया कि नेहा सिंह राठौर ने संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थी। इसके बाद सुप्रिया श्रीनेत ने भी पोस्ट को शेयर करते हुए तिरंगे के अपमान से जुड़ी टिप्पणी की। कांग्रेस नेत्री डॉ. रागिनी नायक की ओर से भी पोस्ट पर टिप्पणी किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को पोस्ट का स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल सामग्री भी उपलब्ध कराई है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में मान-सम्मान को नुकसान पहुंचाने, सार्वजनिक शांति और सद्भाव बिगाड़ने तथा समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने जैसे आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
शिकायत में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने से लोगों के बीच गलत सूचना फैल सकती है और सामाजिक एवं राजनीतिक तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
पुलिस अब संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, तस्वीरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता ने पोस्ट के मूल स्रोत का पता लगाने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित तकनीकी जानकारी व मेटाडाटा जुटाने की भी मांग की है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











