SIR विवाद पर चिदंबरम का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- करीब 10 करोड़ मतदाता हो सकते हैं वोटिंग से वंचित

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
चिदंबरम ने कहा कि मौजूदा आंकड़ों के आधार पर SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत की करीब 10 प्रतिशत वयस्क आबादी यानी लगभग 10 करोड़ लोगों के पास मतदान का अधिकार नहीं रह जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि इससे ऐसे नागरिकों की एक नई श्रेणी बन सकती है, जो नागरिक तो होंगे, लेकिन मतदान नहीं कर सकेंगे।
पूर्व राजदूत नवदीप सूरी का मामला
चिदंबरम की यह टिप्पणी पूर्व राजदूत नवदीप सूरी के पंजाब में चल रहे SIR को लेकर उठाए गए सवालों के बाद सामने आई है। सूरी भारत के मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात में पूर्व राजदूत तथा ऑस्ट्रेलिया में पूर्व उच्चायुक्त रह चुके हैं।
नवदीप सूरी ने बताया कि सत्यापन के लिए इस्तेमाल की जा रही 2003 की मतदाता सूची में उनके विवरण का मिलान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि उस समय वह लंदन में तैनात थे और उस संशोधन प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए थे।
चिदंबरम ने उठाया आम नागरिकों का मुद्दा
सूरी के मामले का हवाला देते हुए चिदंबरम ने सवाल उठाया कि यदि एक पूर्व राजनयिक को अपनी नागरिकता और मतदाता रिकॉर्ड से जुड़े सत्यापन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी।
उन्होंने SIR की प्रक्रिया और उसके संभावित प्रभावों को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही और स्पष्टता की मांग की है।











