महाराष्ट्र: परीक्षा शुरू होते ही WhatsApp पर भेजा पेपर… परभणी नर्सिंग पेपर लीक मामले में लेडी सुपरवाइजर समेत 4 गिरफ्तार

महाराष्ट्र राज्य में NEET और TET के बाद अब नर्सिंग परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है. परभणी के इंदिरा गांधी ANM नर्सिंग स्कूल में परीक्षा के दौरान सुपरवाइजर ने क्वेश्चन पेपर की तस्वीरें खींचकर व्हाट्सऐप पर भेज दीं. इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
20 अगस्त को GNM फर्स्ट इयर की परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षिका राखी चव्हाण ने परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद क्वेश्चन पेपर की तस्वीरें खींचीं और अपनी बहन रानी चव्हाण को व्हाट्सऐप पर भेजीं. केंद्र निरीक्षक विश्वजीत मठपती को क्वेश्चन पेपर बाहर जाने का शक हुआ. मोबाइल की जांच में तस्वीरें मिलने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
मोबाइल जब्त करके की जा रही है जांच
नानल पेठ पुलिस ने राखी चव्हाण, रानी चव्हाण, प्रतीक्षा किरण खिल्लारे, ईश्वर बाराबोईना और दिलीप बोरकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोपियों के मोबाइल जब्त कर उनकी जांच की जा रही है. पुलिस ये पता लगा रही है कि प्रश्नपत्र की तस्वीरें आगे कितने लोगों को भेजी गईं, सोशल मीडिया पर कितनी वायरल हुईं और क्या इस मामले में किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ है. इस मामले में किसी बड़े रैकेट की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
पुलिस ने बताया कि इस घटना के बावजूद परीक्षा बिना किसी रुकावट के जारी रही. तस्वीर का पता चलते ही अधिकारियों को तुरंत सूचित कर दिया गया. मथापति की शिकायत के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र परीक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. जांचकर्ता अब क्वेश्चन पेपर शेयर करने के पीछे की परिस्थितियों और क्या इस काम को करने में अन्य लोग भी शामिल थे, इसकी जांच कर रहे हैं.
महाराष्ट्र TET का भी पेपर हुआ था लीक
28 जून 2026 को होने वाली महाराष्ट्र TET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले 27 जून को ठाणे के भिवंडी के कोंगाव इलाके में पुलिस ने छापा मारा. तीन आरोपी, जिनमें दो बिहार और एक हरियाणा से गिरफ्तार हुए. इनके पास परीक्षा के असली क्वेश्चन पेपर की चार सेट बरामद हुईं. आरोप है कि वे पेपर को करीब 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे. परीक्षा तुरंत स्थगित कर दी गई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की जांच के लिए SIT गठित करने के आदेश दिए थे.











