अमेठी से उठा बड़ा नारा—“पूर्वांचल मांगे अपना प्रदेश, तभी बनेगा विकसित देश!”

अमेठी : संक्रांति भोज एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम के दौरान अमेठी से पूर्वांचल राज्य गठन की मांग ने नया जोर पकड़ लिया.कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि “पूर्वांचल मांगे अपना प्रदेश, तभी बनेगा विकसित देश”.प्रस्तावित पूर्वांचल प्रदेश में 28 जिलों को शामिल करने की बात कही गई.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय सिंह ने कहा कि पूर्वांचल को पिछड़ा कहना उसके गौरवशाली इतिहास और बलिदानों का अपमान है.आज़ादी की लड़ाई में पूर्वांचल ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है.गाजीपुर की धरती पर क्रांति का झंडा फहराया गया और देश को सबसे अधिक शहीद देने में पूर्वांचल की अहम भूमिका रही है.

उन्होंने विश्वास दिलाया कि 2027 के चुनाव से पहले पूर्वांचल प्रदेश का गठन होगा और प्रधानमंत्री जनता की प्रार्थना को अनदेखा नहीं करेंगे. पूर्व मंत्री अमिता सिंह ने कहा कि अमेठी से उठी यह आवाज अब पूरे पूर्वांचल की आवाज बन चुकी है. उन्होंने कहा कि जब अमेठी, काशी और प्रयागराज विकसित होंगे, तभी देश विकसित होगा.गांव, नगर और जिले के विकास से ही राष्ट्र निर्माण संभव है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उमाशंकर ने कहा कि जैसे भगवान सूर्य उत्तरायण की ओर अग्रसर हैं, वैसे ही आज अमेठी भी विकास की दिशा में करवट ले रही है.उन्होंने कहा कि जिला बनने से विकास की कुंजी खुलती है—सड़कें, स्कूल, योजनाएं और प्रशासनिक मजबूती अपने आप आती है.उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में बनने वाला पूर्वांचल प्रदेश सबसे सशक्त, प्रगतिशील और सफल राज्य होगा.

वक्ताओं ने कहा कि बड़े राज्य के कारण प्रशासनिक दूरी, पलायन, बेरोजगारी और असंतुलित विकास जैसी समस्याएं बनी हुई हैं.पूर्वांचल राज्य बनने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और पलायन पर रोक लगेगी.
कार्यक्रम के अंत में निर्णय लिया गया कि अमेठी से उठी इस आवाज को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा और पूर्वांचल राज्य की मांग को दिल्ली तक मजबूती से रखा जाएगा.

कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. अमिता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, कालिकन पीठाधीश्वर मौनी महाराज, पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडेय और पूर्व विधायक तेज भान सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और गणमान्य लोग मौजूद रहे.

वक्ताओं ने तर्क दिया कि काशी विश्वनाथ, गोरखनाथ धाम और कुशीनगर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पूर्वांचल में ही स्थित हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कई मुख्यमंत्री भी पूर्वांचल क्षेत्र से रहे हैं.ऐसे में पूर्वांचल को अलग राज्य का दर्जा मिलना क्षेत्रीय संतुलन और विकास की दृष्टि से आवश्यक है.

कार्यक्रम के दौरान “पूर्वांचल मांगे अपना प्रदेश, तभी बनेगा विकसित प्रदेश” का नारा भी गूंजता रहा. अंत में निर्णय लिया गया कि इस मांग को जन-जन तक पहुंचाकर इसे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा,

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com