आंधी-बारिश से बिलासपुर बेहाल, जलभराव और बिजली संकट से जनजीवन प्रभावित

बिलासपुर में सोमवार को दिनभर की भीषण गर्मी के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। पहली ही तेज बारिश में शहर की कई सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए, जबकि तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो गई। आधे से अधिक शहर में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के दौरान कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिससे आसपास के इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें देर रात तक पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी रहीं।
तेज बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें, चौराहे और मोहल्ले पानी में डूब गए। जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों और व्यापारियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर निगम ने नालियों की सफाई कराने का दावा किया, वहीं महापौर ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आंधी और बारिश का सबसे अधिक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। कलेक्टर, कमिश्नर, न्यायाधीशों और विधायक के आवास वाले वीआईपी क्षेत्रों सहित शहर के कई हिस्सों में देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। 11 केवी और 33 केवी बिजली लाइनों में खराबी आने, इंसुलेटर फटने और करंट ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों में घंटों तक अंधेरा छाया रहा।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4.9 डिग्री अधिक था। हालांकि शाम की बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली। विभाग ने मंगलवार को भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।











