नकटी गांव पहुंचे पूर्व विधायक, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की उठाई मांग

रायपुर के नकटी गांव में विस्थापन की कार्रवाई के बाद पूर्व विधायक विकास उपाध्याय देर रात प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि कई परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। उनके अनुसार, कई लोगों के घर मलबे में तब्दील हो चुके हैं, जबकि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपने टूटे हुए आशियानों के पास ही रात गुजार रहे हैं।
पूर्व विधायक ने बताया कि प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया है कि बुलडोजर कार्रवाई से पहले देर रात बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। उनका कहना है कि विस्थापित परिवारों को पुनर्वास के नाम पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई बड़े परिवारों को केवल एक कमरे का आवास दिया गया है, जहां बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन पुनर्वास की प्रक्रिया चला रहा है तो प्रभावित लोगों को सम्मानजनक आवास के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि केवल आवास उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के रहने योग्य व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
विकास उपाध्याय ने इस मुद्दे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी सवाल उठाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से सभी विस्थापित परिवारों का शीघ्र और सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की।
गौरतलब है कि कार्रवाई से पहले ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर बरसात के मौसम तक तोड़फोड़ नहीं करने का अनुरोध किया था। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई टालने का आश्वासन मिला था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर दी, जिससे कई परिवार बेघर हो गए।











