CG News: अनुकंपा नियुक्ति के लालच में देवर ने दी भाभी-भतीजी की हत्या की सुपारी, चार गिरफ्तार
मल्हार स्थित खईयापारा निवासी सतरूपा श्रीवास अपनी बेटी बृहस्पति श्रीवास के साथ रहती हैं. शनिवार तड़के जब मां-बेटी घर का पिछला दरवाजा खोल रही थीं, तभी घात लगाए बैठे दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया. चीख सुनकर मौके पर पड़ोसी पहुंच गए, जिन्हें देखकर हमलावर भाग गए, तब जाकर मां-बेटी की जान बची. दोनों गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गईं. पड़ोसियों की मदद से उन्हें पहले मस्तूरी अस्पताल और फिर बिलासपुर रेफर किया गया, जहां एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

CG News/बिलासपुर: अनुकंपा नियुक्ति के लालच में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. देवर ने अपनी ही भाभी और भतीजी को रास्ते से हटाने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दे डाली. इस सुपारी किलिंग के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड देवर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र की है.
मल्हार स्थित खईयापारा निवासी सतरूपा श्रीवास अपनी बेटी बृहस्पति श्रीवास के साथ रहती हैं. शनिवार तड़के जब मां-बेटी घर का पिछला दरवाजा खोल रही थीं, तभी घात लगाए बैठे दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया.
चीख सुनकर मौके पर पड़ोसी पहुंच गए, जिन्हें देखकर हमलावर भाग गए, तब जाकर मां-बेटी की जान बची. दोनों गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गईं. पड़ोसियों की मदद से उन्हें पहले मस्तूरी अस्पताल और फिर बिलासपुर रेफर किया गया, जहां एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.
पुलिस ने जांच शुरू की और सबसे पहले हमलावर नूतन कर्ष और टेकराम को पकड़ा. पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड देवर विष्णु श्रीवास और उसका साथी कृष्ण श्रीवास को भी दबोच लिया. पुलिस ने आरोपियों के पास से हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और लाठी जब्त कर ली है. सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
जांच में सामने आया कि सतरूपा के पति तारकेश्वर श्रीवास की मौत के बाद बेटी के लिए एसईसीएल (SECL) में अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी.
इसी नियुक्ति पर कब्जा जमाने के लिए देवर विष्णु प्रसाद श्रीवास ने अपने रिश्तेदार कृष्ण श्रीवास के साथ मिलकर भाभी और भतीजी की हत्या की साजिश रची. उन्होंने इस काम के लिए जांजगीर-चांपा के तनौद गांव के नूतन कर्ष और टेकराम केवट को 5 लाख रुपये की सुपारी दी, जिसमें से 70 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे.










