CGPSC विवाद के बीच बड़ा एक्शन, 42 टैक्स इंस्पेक्टर 4 साल बाद वापस बाबू पद पर

CGPSC पर्चा लीक मामले की जांच अब और आगे बढ़ती नजर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने 2021 के साथ 2020 में हुई CGPSC की परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में लिया है। एजेंसी के बयान के मुताबिक, दोनों वर्षों में हुई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच की जा रही है।

जांच का दायरा तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर समेत दूसरी भर्ती परीक्षाओं तक पहुंच गया है। ED तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप नियंत्रक ललित गणवीर से भी पूछताछ करेगी।

एजेंसी के मुताबिक, चेतन से जुड़े पैसों के लेन-देन, चैट रिकॉर्ड और प्रत्यक्ष गवाहों से जुड़े सबूत जांच में सामने आए हैं। इसके अलावा अन्य अधिकारियों और नेताओं की भूमिका और उनसे जुड़े लोगों के बयानों की भी पड़ताल की जा रही है।

दरअसल, CGPSC ने 2020 और 2021 के दौरान राज्य सेवा, सिविल जज, वन सेवा, पशु चिकित्सा, सहायक प्राध्यापक और दूसरे पदों के लिए कई भर्ती परीक्षाएं आयोजित की थीं। इन परीक्षाओं के चयनित अभ्यर्थियों की भर्ती और पोस्टिंग भी हो चुकी है।

पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत के आधार पर कुछ परीक्षाओं को लेकर EOW ने केस दर्ज किया था। हालांकि राज्य सरकार की ओर से केवल CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2021 की CBI जांच का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। अब करीब पांच साल बाद ED ने 2020 और 2021 की अन्य परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में लिया है।

इनमें राज्य सेवा परीक्षा-2020 के अलावा राज्य अभियांत्रिकी सेवा, सहायक प्राध्यापक, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, सिविल जज, वन सेवा और अन्य पदों की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं।

अब जांच एजेंसी इन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पैसों के लेन-देन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर होगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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