रायपुर में SIR सर्वे पर विवाद बढ़ा: पार्षद ने महिला बीएलओ को हटाने की मांग की, कांग्रेस ने FIR की मांग रखी

रायपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान भाजपा पार्षद और महिला बीएलओ के बीच विवाद तेजी से राजनीतिक रूप ले रहा है। महंत लक्ष्मी नारायण दास वार्ड क्रमांक 42 की बीएलओ निशा शर्मा ने पार्षद अंबर अग्रवाल पर धमकी देने का आरोप लगाया था। इस घटना का वीडियो भी सामने आया जिसमें बीएलओ अधिकारी फोन पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों से रोते हुए शिकायत करती दिखीं।
बीएलओ की शिकायत के बाद अब भाजपा पार्षद ने पलटवार किया है। अंबर अग्रवाल ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय जाकर बीएलओ को वार्ड से हटाने की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि बीएलओ कांग्रेस नेताओं के दबाव में काम कर रही हैं, जिससे SIR प्रक्रिया में पक्षपात की आशंका है। पार्षद का कहना है कि निष्पक्ष पुनरीक्षण के लिए उन्हें दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीएलओ को धमकाना भाजपा की “डराने-धमकाने वाली मानसिकता” को दर्शाता है। उन्होंने पार्षद के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है और कहा कि पूरे प्रकरण की जांच आवश्यक है।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेजी से चल रहा है। SIR अभियान के तहत अब तक 84 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं तक बूथ लेवल अधिकारियों की पहुंच हो चुकी है। राज्य के 1 करोड़ 12 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 1 करोड़ 78 लाख लोगों को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।
बीएलओ और पार्षद के बीच यह टकराव स्थानीय राजनीति को और गरमा रहा है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायतों और आरोपों पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन अब मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहा है।










