UCC पर छिड़ी सियासी जंग: अमरजीत भगत ने बताया ‘प्रपंच’, BJP बोली- आदिवासी परंपराएं रहेंगी सुरक्षित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राज्य सरकार द्वारा UCC लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इसे भाजपा का राजनीतिक प्रपंच बताया, जबकि भाजपा नेताओं ने आदिवासी समाज की परंपराओं को सुरक्षित रखने का भरोसा दिलाया है।
UCC पर कांग्रेस का विरोध, भाजपा का पलटवार
मीडिया से चर्चा करते हुए अमरजीत भगत ने कहा कि UCC देश जैसे विविधताओं वाले समाज के लिए एक जटिल विषय है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों और परंपराओं वाले भारत में सभी पर एक समान कानून लागू करना उचित नहीं होगा। भगत ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को UCC की जानकारी तक नहीं है, ऐसे में इसका कोई सकारात्मक प्रभाव दिखाई नहीं देता।
इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार ने UCC के लिए एक समिति गठित की है, जो समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद कर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि UCC से आदिवासी समाज को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
भाजपा नेता केदार गुप्ता ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं अत्यंत समृद्ध हैं और UCC लागू होने के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने दावा किया कि UCC लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर नियंत्रण में मददगार साबित होगा।
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर भी सियासत
अमरजीत भगत ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और संगठनात्मक मजबूती से भाजपा घबराई हुई है। प्रशिक्षण शिविर के बाद कांग्रेस के जिलाध्यक्षों का नया स्वरूप देखने को मिलेगा।
इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का नहीं, बल्कि कांग्रेस का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी भाजपा शासित राज्यों में रहती है, जबकि कांग्रेस के सहयोगी दल लगातार उसका साथ छोड़ रहे हैं।
वहीं केदार गुप्ता ने भी तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह स्वस्थ है, जबकि कांग्रेस को अपने राजनीतिक स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है।
खाद-बीज संकट और किसानों को लेकर आमने-सामने
प्रदेश में खाद-बीज की उपलब्धता और मानसून की स्थिति को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और किसानों को समय पर खाद, बीज तथा सिंचाई की सुविधा मिलना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खाद की कमी और कालाबाजारी की शिकायतें बढ़ी हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
उधर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने खाद और बीज वितरण की समुचित व्यवस्था की है। उन्होंने दावा किया कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं है और कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।











